फरसा वाले बाबा की हत्या पर बवाल, गुस्साए लोगों ने किया पथराव, पुलिस को करना पड़ी फायरिंग

मथुरा। कान्हा की नगरी मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में गौ-सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले विख्यात संत चंद्रशेखर, जिन्हें ब्रज में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता था, की संदिग्ध सड़क हादसे में मौत के बाद भारी बवाल खड़ा हो गया है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और गौ-रक्षकों ने इसे गोतस्करों द्वारा की गई सुनियोजित हत्या करार देते हुए दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे (NH-2) पर जाम लगा दिया। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग और बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है।

गोतस्करों का पीछा करते समय हुआ हादसा या हत्या?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात करीब 3 से 4 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि बाबा चंद्रशेखर को क्षेत्र में गोतस्करी की सूचना मिली थी। वे निडर होकर अपनी बाइक से संदिग्धों का पीछा कर रहे थे, तभी नवीपुर गांव के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर आग की तरह पूरे ब्रज क्षेत्र में फैल गई और हजारों की संख्या में गौ-भक्त सड़क पर उतर आए।

हाईवे पर घंटों तांडव, पुलिस पर पथराव और हवाई फायरिंग

संत की मौत से गुस्साए समर्थकों और हिंदूवादी संगठनों ने हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब नियंत्रण से बाहर हो गई जब भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पथराव शुरू कर दिया। पथराव में कई वाहनों के शीशे टूट गए और पुलिसकर्मियों में भगदड़ मच गई। हालात संभालने के लिए पुलिस को कथित तौर पर हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इस संघर्ष में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।

पुलिस की ‘कोहरा’ थ्योरी बनाम ग्रामीणों का आक्रोश

मथुरा एसएसपी का कहना है कि प्राथमिक जांच में मामला घने कोहरे के कारण हुए हादसे का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध युवक को मौके से पकड़कर पुलिस के हवाले किया है, जबकि तीन अन्य फरार बताए जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि बाबा को जानबूझकर गाड़ी से कुचलकर मारा गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हजारों की भीड़ ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

बाबा चंद्रशेखर अपने बेखौफ अंदाज और गौ-सेवा के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में पहचाने जाते थे। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए ग्राम अंजनोख स्थित गोशाला ले जाया गया, जहाँ जनसैलाब उमड़ पड़ा। इलाके में व्याप्त तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

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