गुरुग्राम। दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में शुक्रवार रात अचानक एक बड़ा बिजली संकट खड़ा हो गया, जिसने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सेक्टर-72 स्थित 220 KVA के मुख्य बिजली घर (जीआईएस सबस्टेशन) का विशालकाय ट्रांसफार्मर लोड बढ़ने के कारण अचानक धू-धू कर फूंक गया। इस एक हादसे की वजह से कड़ियों की तरह जुड़े शहर के सात बड़े पावर हाउस एक साथ पूरी तरह ठप हो गए। देखते ही देखते गुरुग्राम के एक बहुत बड़े हिस्से में घाना अंधेरा छा गया और भीषण गर्मी के बीच हजारों परिवारों की रात आफत में बदल गई।
इन वीआईपी सेक्टर्स में पूरी तरह बत्ती गुल, भीषण उमस से लोग बेहाल
सेक्टर-72 के इस मुख्य ट्रांसफार्मर में खराबी आने का सीधा असर सेक्टर-15, 38, 44, 46, 52, 56 और मारुति के 66 KVA बिजली घरों पर पड़ा, जो पूरी तरह बंद हो गए। इसके चलते सेक्टर-38 से लेकर सेक्टर-57 तक का पूरा बेल्ट, सेक्टर-15 पार्ट-1 और पार्ट-2, तथा सेक्टर-18 के तमाम सोसायटियों और घरों की बत्ती गुल हो गई। गुरुग्राम में इन दिनों सूरज की आग बरस रही है, जहां दिन का पारा 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है और रात में भी दमघोंटू उमस है। ऐसे में घरों के पंखे, कूलर और एसी अचानक बंद होने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों का हाल सबसे ज्यादा बेहाल नजर आया।
Haryana | A power outage occurred in Gurugram after a fire broke out in the main transformer at the 220 KVA power station in Sector-72, causing electricity disruption in multiple areas of the city: Sandeep Chugh, Dakshin Haryana Bijli Vitran Nigam (DHBVN) PRO Gurugram
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— ANI (@ANI) May 22, 2026
बीच ट्रैक पर रुकी रैपिड मेट्रो, जान जोखिम में डाल पटरियों पर पैदल चले यात्री
इस महा-ब्लैकआउट का सबसे डरावना और परेशान करने वाला नजारा रैपिड मेट्रो के रूट पर देखने को मिला। पावर ग्रिड फेल होते ही रैपिड मेट्रो की सेवाएं अचानक जहां की तहां थम गईं। बिजली जाने से कई ट्रेनों के अंदर ही यात्री फंस गए, जिससे सफोकेशन (घुटन) की स्थिति पैदा हो गई। मेट्रो स्टेशनों पर भी लिफ्ट और एस्केलेटर बंद होने से अफरा-तफरी मच गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में कई यात्रियों को इमरजेंसी गेट से निकालकर मेट्रो ट्रैक (पटरियों) पर पैदल चलाकर अगले स्टेशन तक सुरक्षित ले जाना पड़ा। रोजाना हजारों लोगों की लाइफलाइन मानी जाने वाली यह मेट्रो सेवा करीब एक घंटे से अधिक समय तक पूरी तरह ठप रही।
220 KVA transformer explosion triggered massive power outages across #Gurugram. 7 power houses shut down and electricity restoration took up to 8 – 10 hours. Ground reality of Millennium City.@DC_Gurugram @DHBVNL @NayabSainiBJP @anilvijminister @Usiias @1912dhbvn #Gurgaon pic.twitter.com/D7REyaXKcm
— ilovegurgaon.in (@ILoveGurgaon_in) May 22, 2026
बिजली बहाल होने में लगेंगे 8 से 10 घंटे, लोड बढ़ने से चरमराई व्यवस्था
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के आला अधिकारियों ने मौके का मुआयना करने के बाद बताया कि मुख्य ट्रांसफार्मर इतनी बुरी तरह जला है कि इसे पूरी तरह ठीक करने या बदलने में कम से कम 8 से 10 घंटे का लंबा समय लग सकता है। इसका मतलब है कि प्रभावित इलाकों में शनिवार सुबह या दोपहर तक ही स्थिति सामान्य हो पाएगी। फिलहाल पूरे हरियाणा में मौसम विभाग का ‘सीवियर हीटवेव’ (भीषण लू) का अलर्ट जारी है, जिसके कारण हर घर में एसी चलने से बिजली का लोड अपने पीक पर पहुंच चुका है और सिस्टम इस भारी दबाव को झेल नहीं पा रहा है।
द्वारका एक्सप्रेसवे के पास भी अंडरग्राउंड केबल जली, 4500 परिवार परेशान
गुरुग्राम में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर के चरमराने का यह कोई पहला मामला नहीं है। ठीक इसी दिन द्वारका एक्सप्रेसवे से सटे सेक्टर-99 से लेकर सेक्टर-102 तक के इलाके में जमीन के नीचे बिछी अंडरग्राउंड केबल ओवरहीटिंग (ज्यादा गर्म होने) के कारण जलकर खाक हो गई थी। इस खराबी के कारण भी क्षेत्र के करीब 4500 से ज्यादा परिवारों को बिना बिजली के 10 घंटे तक भयंकर गर्मी में तड़पना पड़ा था। बार-बार आ रहे इन तकनीकी फॉल्ट्स ने बिजली विभाग के मेंटेनेंस के दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है।










