लखनऊ के सहारा शहर में बनेगी उत्तर प्रदेश की नई भव्य विधानसभा, LDA ने जारी किया टेंडर…कब शुरू होगा निर्माण कार्य?

*लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा (Infrastructure) समाचार सामने आ रही है। लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर स्थित ‘सहारा शहर’ (Sahara City) की करीब 245 एकड़ की विशालकाय जमीन पर प्रदेश की नई और आधुनिक विधानसभा परिसर (New Vidhan Sabha Complex) बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। लंबे समय से सियासी और प्रशासनिक गलियारों में चल रही चर्चाओं को अमलीजामा पहनाते हुए शुक्रवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इस महा-परियोजना के लिए कंसल्टेंट और आर्किटेक्ट के चयन हेतु औपचारिक टेंडर जारी कर दिया है। इस कदम के साथ ही नई विधानसभा के डिजाइन और मास्टर प्लानिंग की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है।

23 मई से खुलेंगे टेंडर: देश-विदेश की नामी कंपनियां तैयार करेंगी मास्टर प्लान

एलडीए (LDA) की ओर से जारी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के मुताबिक, देश और दुनिया की इच्छुक और विशेषज्ञ कंपनियां इस प्रोजेक्ट के लिए 23 मई से 21 जून तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगी। टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से जिस बेस्ट कंसल्टेंट या आर्किटेक्ट फर्म का चयन किया जाएगा, उसकी पहली और सबसे बड़ी जिम्मेदारी इस पूरी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर (DPR) तैयार करना होगा। इसी डीपीआर के आधार पर नए विधानभवन कॉम्प्लेक्स की कुल निर्माण लागत (Budget), काम पूरा होने की समयसीमा और डिजाइन की अन्य तकनीकी बारीकियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

भविष्य की जरूरतों को देखकर तैयार होगा ब्लूप्रिंट : मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश की इस नई विधानसभा को अगले कई दशकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बेहद हाई-टेक और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। 245 एकड़ के इस विशाल परिसर में केवल विधानसभा भवन ही नहीं होगा, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल होंगे:

आधुनिक प्रशासनिक कार्यालय :* मंत्रियों, विधायकों और सचिवालय के अधिकारियों के लिए सर्वसुविधायुक्त दफ्तर।
मल्टीलेवल पार्किंग और अभेद्य सुरक्षा : * वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए एडवांस्ड सिक्योरिटी सिस्टम और बड़ी पार्किंग व्यवस्था।
इको-फ्रेंडली और ग्रीन एरिया : परिसर के भीतर बड़े पैमाने पर हरित क्षेत्र (सेंट्रल पार्क और गार्डन्स) विकसित किए जाएंगे, जिससे यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल रहे।

मौजूदा विधानभवन में जगह की कमी और ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

गौरतलब है कि हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश का मौजूदा विधानभवन करीब 100 साल पुराना होने जा रहा है। यह शहर के सबसे व्यस्त और बीचो-बीच वाले इलाके में स्थित है। बढ़ती प्रशासनिक आवश्यकताओं, विधायकों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा संबंधी नई चुनौतियों के कारण लंबे समय से एक नए और बड़े परिसर की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसके अलावा सत्र के दौरान हजरतगंज और आसपास के इलाकों में भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या भी खड़ी हो जाती है। ऐसे में गोमती नगर जैसे व्यवस्थित इलाके में सहारा सिटी की विस्तृत जमीन पर नई विधानसभा शिफ्ट करने की इस योजना को राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी आधारभूत परियोजनाओं में गिना जा रहा है।

कब शुरू होगा निर्माण कार्य? सरकार के अगले कदम पर टिकी नजरें

एलडीए द्वारा टेंडर जारी होने के बाद इस ड्रीम प्रोजेक्ट ने अपनी पहली औपचारिक रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि, जमीन पर वास्तविक निर्माण कार्य कब शुरू होगा, इसकी सटीक समयसीमा कंसल्टेंट के चयन और उनके द्वारा सौंपी जाने वाली डीपीआर (DPR) की सरकारी मंजूरी के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। उत्तर प्रदेश को एक नया, भव्य और डिजिटल संसद (विधानसभा) देने की इस ऐतिहासिक परियोजना को लेकर अब उत्तर प्रदेश शासन, आर्किटेक्ट्स और आम जनता की नजरें आगामी चयन प्रक्रिया और मुख्यमंत्री कार्यालय के अगले नीतिगत फैसलों पर टिक गई हैं।

 

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