नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर दुनिया की जेब पर पड़ने वाला है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी और दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के लगभग बंद होने की खबरों ने वैश्विक बाजार में कोहराम मचा दिया है। सोमवार को ग्लोबल ऑयल मार्केट खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों ने लंबी छलांग लगाई, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी इजाफे की आशंका बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त विस्फोट: WTI 7.5% उछला
सप्लाई चेन टूटने के डर से सोमवार को अमेरिकी ऑयल बेंचमार्क WTI (West Texas Intermediate) की कीमत में 7.5% की भारी तेजी दर्ज की गई। देखते ही देखते इसकी कीमत 90.17 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) भी पीछे नहीं रहा। ब्रेंट क्रूड में 6.5% का उछाल आया और यह 96.27 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ, तो यह जल्द ही 100 डॉलर का आंकड़ा छू सकता है।
समुद्र में भिड़े अमेरिका-ईरान: युद्धपोत से कार्गो जहाज पर फायरिंग
तनाव की ताजा वजह रविवार को गल्फ ऑफ ओमान में हुई एक हिंसक घटना है। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने 8 अप्रैल से लागू सीजफायर (युद्धविराम) की धज्जियां उड़ा दी हैं। बताया जा रहा है कि एक अमेरिकी युद्धपोत ने ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज ‘Touska’ पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था।
डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख: “चेतावनी नहीं मानी तो इंजन रूम उड़ा दिया”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर एक विस्फोटक पोस्ट साझा की है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Spruance ने बार-बार चेतावनी दी थी, लेकिन ईरानी जहाज नहीं रुका। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर उसे बीच समुद्र में ही रोक दिया। फिलहाल, अमेरिकी मरीन ने जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है और गहन तलाशी अभियान जारी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ठप: दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर संकट
सबसे चिंताजनक खबर यह है कि युद्ध जैसी स्थिति के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से तेल और LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। Pepperstone के विश्लेषक क्रिस वेस्टन के अनुसार, ट्रेडर्स अब इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि सप्लाई कब बहाल होगी। चूंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर है, इसलिए इसका बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी: “सीजफायर का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं”
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी सेना के मुख्य कमांड सेंटर ‘Khatam Al-Anbiya’ ने इस अमेरिकी कार्रवाई को युद्ध का आमंत्रण बताया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका द्वारा सीजफायर तोड़े जाने का करारा जवाब देगा। ईरान की इस धमकी के बाद खाड़ी देशों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है, क्योंकि किसी भी जवाबी हमले से तेल के कुओं और रिफाइनरियों को निशाना बनाया जा सकता है।














