EPFO 3.0: अब बैंक से पैसे निकालने जितना आसान होगा PF विड्रॉल, ये 8 बदलाव आसान बना देंगे निकालने का प्रोसेस

नई दिल्ली। नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अब तक का सबसे बड़ा सुधार पेश किया है। ‘EPFO 3.0’ के तहत भविष्य निधि (PF) से पैसा निकालना अब किसी जटिल प्रक्रिया के बजाय एक सरल डिजिटल अनुभव होने वाला है। सरकार का लक्ष्य इस पूरी व्यवस्था को 2026 के मध्य तक पूरी तरह से जमीन पर उतारने का है, जिससे करोड़ों सब्सक्राइबर्स को सीधे तौर पर फायदा होगा।

UPI और ATM से भी निकाल सकेंगे पैसा, NPCI के साथ बड़ी साझेदारी

ईपीएफओ की नई व्यवस्था में सबसे क्रांतिकारी बदलाव निकासी के तरीकों को लेकर है। अब पीएफ का पैसा निकालने के लिए आपको दफ्तरों के चक्कर काटने या हफ्तों इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। नई प्रणाली को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के साथ जोड़ा जा रहा है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारी UPI (PhonePe, Google Pay, Paytm) और ATM के जरिए भी अपना फंड एक्सेस कर सकेंगे। ओटीपी (OTP) आधारित प्रमाणीकरण के जरिए पैसा सीधे आपके लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़कर हुई 5 लाख, चंद घंटों में होगा क्लेम सेटल

इमरजेंसी में पैसे की जरूरत को ध्यान में रखते हुए EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 5 लाख रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि 5 लाख रुपये तक के क्लेम के लिए अब किसी मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होगी और सॉफ्टवेयर के जरिए यह काम कुछ ही घंटों या अधिकतम एक दिन में पूरा हो जाएगा। इससे क्लेम पेंडिंग रहने की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।

निकासी के लिए तीन आसान श्रेणियां, कम होगी रिजेक्शन की संभावना

प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए निकासी को तीन मुख्य वर्गों में बांटा गया है:

  1. जरूरतें (Needs): इसमें बीमारी का इलाज, उच्च शिक्षा या शादी जैसे कामों के लिए तुरंत पैसा मिलेगा।

  2. हाउसिंग (Housing): घर खरीदने या निर्माण के लिए, जिसके लिए न्यूनतम 5 साल की सेवा अनिवार्य है।

  3. विशेष परिस्थितियां (Specific Conditions): बेरोजगारी या रिटायरमेंट के समय निकासी।

    इस स्पष्ट वर्गीकरण से ‘क्लेम रिजेक्ट’ होने की आशंका काफी कम हो जाएगी।

एंप्लायर का झंझट खत्म, अब ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ से बनेगा काम

पहले पीएफ निकासी के लिए कंपनी या एंप्लायर के वेरिफिकेशन का लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इस निर्भरता को खत्म कर दिया गया है। अधिकतर मामलों में अब आधार-आधारित OTP ही पहचान का मुख्य जरिया होगा। ‘सेल्फ-सर्टिफिकेशन’ की सुविधा मिलने से कर्मचारी खुद अपनी जानकारी प्रमाणित कर सकेंगे, जिससे एंप्लायर की मंजूरी में होने वाली देरी से मुक्ति मिलेगी।

32 बैंकों के साथ हाथ मिलाया, टैक्स फ्री निकासी के नियम बरकरार

क्लेम प्रोसेसिंग को तेज करने के लिए EPFO ने SBI, HDFC और ICICI जैसे देश के 32 प्रमुख बैंकों के साथ टाइ-अप किया है। वहीं, टैक्स नियमों की बात करें तो 5 साल की निरंतर सेवा के बाद निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगी। हालांकि, 5 साल से पहले 50,000 रुपये से अधिक की निकासी पर टीडीएस (TDS) लागू होगा। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सब्सक्राइबर्स का UAN, आधार और पैन (PAN) का आपस में लिंक होना अनिवार्य है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha