ईरान संकट पर ट्रम्प का ‘मास्टर प्लान’: हॉर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु मुद्दे पर नए प्रस्ताव से पिघलेगी तनाव की बर्फ?

वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहराते संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को व्हाइट हाउस में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में ट्रम्प ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ ईरान द्वारा दिए गए एक ‘नए शांति प्रस्ताव’ पर गहन चर्चा की। इस चर्चा के केंद्र में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना और परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दे रहे।

व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग: चर्चा हुई है, फैसला अभी बाकी

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों के साथ ईरान के प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार करने पर कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई है।

लेविट ने कहा, “यह कहना जल्दबाजी होगी कि हम इस पर विचार कर रहे हैं, लेकिन आज सुबह राष्ट्रपति ने इस विषय पर प्रारंभिक चर्चा जरूर की है। अंतिम निर्णय राष्ट्रपति स्वयं लेंगे।”

प्रस्ताव के दो प्रमुख बिंदु: हॉर्मुज और परमाणु वार्ता

सूत्रों के मुताबिक, ईरान की ओर से आए इस नए प्रस्ताव में दो मुख्य बातें शामिल हैं:

  1. हॉर्मुज जलडमरूमध्य: अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार के लिए इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने का सुझाव।

  2. परमाणु कार्यक्रम: ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भविष्य में नए सिरे से बातचीत की पेशकश।

ट्रम्प की ‘नो कॉम्प्रोमाइज’ शर्तें

भले ही ईरान ने बातचीत की मेज पर नया प्रस्ताव रखा हो, लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प अपनी मांगों पर अडिग नजर आ रहे हैं। लेविट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं:

  • तेल परिवहन: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के तुरंत बहाल हो।

  • यूरेनियम सरेंडर: ईरान को अपना संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) अंतरराष्ट्रीय निगरानी में सौंपना होगा।

ग्लोबल इकोनॉमी के लिए क्यों अहम है यह चर्चा?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्ग है। यहां किसी भी तरह के तनाव का सीधा असर पेट्रोल-डीजल की वैश्विक कीमतों पर पड़ता है। ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अस्थिरता है, ट्रम्प की यह पहल शांति की उम्मीद जगा सकती है।

आगे क्या होगा?

आने वाले दिनों में राष्ट्रपति ट्रम्प स्वयं इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान परमाणु शर्तों पर पीछे हटता है, तो क्षेत्र में दशकों से चली आ रही दुश्मनी में एक नया मोड़ देखने को मिल सकता है।

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