8वां वेतन आयोग: क्या सच में ₹69,000 हो जाएगी न्यूनतम बेसिक सैलरी? जानें इस प्रस्ताव का पूरा सच

नई दिल्ली: देश के करीब 45 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 60 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आ रही है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी ला दी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और भत्तों को लेकर जमीनी स्तर पर फीडबैक लेने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है।

आयोग की टीम वर्तमान में अलग-अलग राज्यों का दौरा कर रही है ताकि कर्मचारी यूनियनों और एसोसिएशनों की मांगों को प्रत्यक्ष रूप से समझा जा सके और एक संतुलित प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा जाए।

उत्तराखंड से हुई बैठकों की शुरुआत, अब दिल्ली और महाराष्ट्र की बारी

8वें वेतन आयोग ने अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए पहली आधिकारिक आमने-सामने की बैठक उत्तराखंड के कर्मचारी संगठनों के साथ शुक्रवार को संपन्न कर ली है। यह बैठक काफी सकारात्मक बताई जा रही है। इसके बाद, आयोग की अगली बड़ी हलचल देश की राजधानी में होने वाली है।

28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में एक महा-बैठक प्रस्तावित है, जिसमें कई बड़े कर्मचारी संघ हिस्सा लेंगे। दिल्ली के बाद आयोग का अगला पड़ाव महाराष्ट्र होने की संभावना है।

बेसिक सैलरी में भारी उछाल: ₹18,000 की जगह ₹69,000 की मांग

इस बार कर्मचारी संगठनों ने वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि की मांग रखी है। आयोग के समक्ष जो सबसे प्रमुख प्रस्ताव है, वह है न्यूनतम बेसिक पे (Minimum Basic Pay) को वर्तमान के ₹18,000 से बढ़ाकर सीधे ₹69,000 करना। अगर सरकार इस प्रस्ताव पर मुहर लगाती है, तो निचले स्तर के कर्मचारियों के वेतन में भी भारी क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।

सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि आयोग निम्नलिखित भत्तों और शर्तों की भी समीक्षा कर रहा है:

  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में सुधार।

  • हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की नई दरें।

  • अन्य महत्वपूर्ण सेवा शर्तों में बदलाव।

3 यूनिट नहीं, अब 5 यूनिट की फैमिली के आधार पर मिलेंगे भत्ते

8वें वेतन आयोग में एक बड़ा सामाजिक-आर्थिक बदलाव भी प्रस्तावित है। अब तक भत्तों का निर्धारण 3 यूनिट की फैमिली (पति, पत्नी और एक बच्चा) को आधार मानकर किया जाता था। लेकिन अब कर्मचारी यूनियनों ने जोरदार मांग की है कि इसे बढ़ाकर 5 यूनिट की फैमिली माना जाए, ताकि महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण सही ढंग से हो सके। इसके अलावा, महंगाई भत्ता (DA) के कैलकुलेशन के लिए 12 महीने के औसत (Average) को आधार बनाने का सुझाव दिया गया है।

फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर टिकी सबकी नजरें

वेतन वृद्धि का सबसे मुख्य फॉर्मूला ‘फिटमेंट फैक्टर’ होता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 3.833 करने की पुरजोर मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फिटमेंट फैक्टर में यह बढ़ोतरी होती है, तो कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा और पेंशनभोगियों की राशि में भी बड़ा इजाफा होगा।

कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?

बता दें कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में इस आयोग का गठन किया था। आयोग के पास अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय है। फिलहाल, 30 अप्रैल तक फीडबैक लेने की विंडो खुली हुई है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद केंद्रीय कैबिनेट इस पर अंतिम फैसला लेगी।

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