कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सत्ता के सिंहासन का फैसला अब जनता की अदालत में है। सोमवार शाम को विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए चुनावी शोर थम गया। राज्य की 294 सीटों वाली विधानसभा की शेष 142 सीटों पर बुधवार, 29 अप्रैल को सुबह 7 बजे से वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में हुई हिंसा की खबरों के बीच चुनाव आयोग इस बार सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम: छावनी में तब्दील हुए चुनावी जिले
पहले चरण के मतदान के दौरान हुई छिटपुट हिंसा को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लोहे जैसा मजबूत कर दिया है। निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए केंद्रीय बलों की रिकॉर्ड 2,348 कंपनियां तैनात की गई हैं।
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संवेदनशील क्षेत्र: उत्तर 24 परगना में सबसे अधिक 507 कंपनियां तैनात रहेंगी।
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तटीय सुरक्षा: बांग्लादेश सीमा और सुंदरबन के तटीय इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि घुसपैठ या बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके।
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प्रमुख जिले: कोलकाता, हावड़ा, नादिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में करीब 40 हजार मतदान केंद्रों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
दिग्गजों ने झोंकी ताकत: शाह का रोड शो तो ममता की पदयात्रा
प्रचार के आखिरी दिन बंगाल की गलियों में सियासी पारा सातवें आसमान पर रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैरकपुर में हुंकार भरते हुए परिवर्तन की अपील की, तो वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता और हुगली में विशाल रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन किया।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने गढ़ भवानीपुर और जादवपुर में मोर्चा संभाला। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ताबड़तोड़ रैलियां और रोड शो कर भाजपा के पक्ष में माहौल गरमाया। अभिषेक बनर्जी ने भी धुआंधार प्रचार के जरिए तृणमूल की पकड़ मजबूत करने की कोशिश की।
क्या टूटेगा पहले चरण का रिकॉर्ड?
बता दें कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में बंगाल ने 93.19 प्रतिशत वोटिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। इस भारी मतदान ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी अचंभे में डाल दिया है। अब देखना यह है कि 29 अप्रैल को अंतिम चरण में जनता किस उत्साह के साथ बाहर निकलती है।
4 मई को आएगा ‘महापरिणाम’
29 अप्रैल को बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी लोकतंत्र का महापर्व संपन्न हो जाएगा। सत्ता की चाबी किसके पास होगी, इसका खुलासा 4 मई को मतगणना के दिन होगा। बंगाल के इस ‘खेला’ में कौन बाजी मारेगा, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।















