UP Cabinet Expansion: आज शाम होगा योगी कैबिनेट का विस्तार! CM योगी की राज्यपाल से मुलाकात के बाद लखनऊ में हलचल तेज, ये नाम रेस में सबसे आगे

 लखनऊ: पश्चिम बंगाल के सियासी रण में पहली बार ऐतिहासिक विजय पताका फहराने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अब अपना पूरा ध्यान देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश पर केंद्रित कर दिया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार देर शाम राजभवन जाकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण और मंत्रिमंडल विस्तार के लिए राज्यपाल से समय मांगा है।

यूपी में ‘तीसरी बार’ की तैयारी, जातीय समीकरणों पर जोर

बीजेपी उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर इतिहास रचने के इरादे से काम कर रही है। सूत्रों की मानें तो योगी कैबिनेट में होने वाला यह विस्तार आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। पार्टी आलाकमान की कोशिश है कि मंत्रिमंडल के जरिए सामाजिक और जातीय संतुलन को पूरी तरह साध लिया जाए। इस विस्तार के जरिए न केवल पुराने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को इनाम मिलेगा, बल्कि अन्य दलों से आए चेहरों को भी जगह देकर विपक्ष को मनोवैज्ञानिक मात देने की रणनीति है।

कैबिनेट में शामिल होंगे 6 से 7 नए चेहरे, ब्राह्मण और पिछड़ों को तरजीह

रिपोर्ट्स के अनुसार, योगी सरकार के इस संभावित विस्तार में करीब 6 से 7 नए चेहरों को जगह मिल सकती है। चर्चा है कि कैबिनेट में दो ब्राह्मण, दो पिछड़ा वर्ग (OBC), एक दलित और एक महिला चेहरे को शामिल किया जा सकता है। बीजेपी की रणनीति स्पष्ट है—सभी समुदायों को सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व देकर चुनाव से पहले एक मजबूत संदेश देना। खास बात यह है कि इस बार सपा के उन बागियों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है जिन्होंने मुश्किल वक्त में भाजपा का साथ दिया था।

इन संभावित नामों पर लगी है सबकी नजर

राजनीतिक गलियारों में जिन नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें बीजेपी और सपा के बागी विधायक दोनों शामिल हैं। संभावित मंत्रियों की सूची में ये प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं:

  • भूपेंद्र सिंह चौधरी: संगठन और सरकार के बीच तालमेल के लिए अहम चेहरा।

  • मनोज पांडेय: समाजवादी पार्टी से बगावत कर बीजेपी का साथ देने वाले कद्दावर ब्राह्मण नेता।

  • पूजा पाल: सपा की बागी विधायक, जिनके जरिए पिछड़े वर्ग को साधने की कोशिश।

  • आशा मौर्य और कृष्णा पासवान: महिला और दलित प्रतिनिधित्व के तौर पर मजबूती।

  • हंसराज विश्वकर्मा और सुरेंद्र दिलेर: जातीय समीकरणों में फिट बैठने वाले अनुभवी नाम।

लखनऊ में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

मुख्यमंत्री की राज्यपाल से मुलाकात के बाद लखनऊ के जन भवन से लेकर राजभवन तक सरगर्मी बढ़ी हुई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले 48 से 72 घंटों के भीतर नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। बंगाल फतह के बाद उत्साहित बीजेपी अब यूपी में अपने किले को और अभेद्य बनाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment