Bengal New CM Oath Ceremony: शुभेंदु अधिकारी ने ली बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ, कैबिनेट में दिखा ब्राह्मण, महिला और आदिवासी समीकरण का. ….

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद शनिवार को कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड एक नए राजनीतिक युग का गवाह बना। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन पांच मंत्रियों ने शपथ ली, उनके जरिए भाजपा ने बंगाल के हर वर्ग और समुदाय को साधने की सफल कोशिश की है। सुवेंदु की इस नई टीम में अनुभव, विशेषज्ञता और जमीनी पैठ का शानदार समावेश दिखाई दे रहा है।

सुवेंदु अधिकारी: ‘जायंट किलर’ अब बंगाल के नए कप्तान

कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे सुवेंदु अधिकारी अब बंगाल में भाजपा सरकार के मुखिया बन चुके हैं। उन्होंने न केवल नंदीग्राम में ममता बनर्जी को मात दी, बल्कि भवानीपुर के उनके गढ़ में भी दोबारा पटखनी देकर खुद को ‘जायंट किलर’ साबित किया। सुवेंदु का मुख्यमंत्री बनना बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है।

दिलीप घोष: संगठन के मजबूत स्तंभ को मिली बड़ी जिम्मेदारी

खड़गपुर सीट से शानदार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली। घोष बंगाल में भाजपा को शून्य से शिखर तक ले जाने वाले कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। उनके अनुभव और सांगठनिक क्षमता का लाभ अब सुवेंदु सरकार को सीधे तौर पर मिलेगा।

अग्निमित्रा पॉल: फैशन की दुनिया से राजनीति के शीर्ष तक

आसनसोल दक्षिण से दूसरी बार विधायक बनीं अग्निमित्रा पॉल ने मंत्री पद की शपथ लेकर बंगाल कैबिनेट में महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व किया। साल 2019 में भाजपा में शामिल होने वाली अग्निमित्रा पहले एक सफल फैशन डिजाइनर थीं। आज वे बंगाल में भाजपा का सबसे मुखर और मजबूत महिला चेहरा बनकर उभरी हैं।

अशोक कीर्तनिया: मतुआ समुदाय की बुलंद आवाज

बनगांव उत्तर से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए अशोक कीर्तनिया को भी कैबिनेट में जगह मिली है। कीर्तनिया मतुआ समुदाय के कल्याण के लिए लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्हें मंत्री बनाकर भाजपा ने मतुआ समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती से प्रदर्शित किया है।

खुदीराम टुडू: शिक्षक से मंत्री तक का सफर

रानीबांध सीट से पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे खुदीराम टुडू सुवेंदु सरकार में आदिवासी समाज का बड़ा चेहरा होंगे। पेशे से सरकारी स्कूल के शिक्षक रहे टुडू की सादगी और जमीनी पकड़ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्हें कैबिनेट में शामिल करना बंगाल के जंगलमहल और आदिवासी क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

निशीथ प्रमाणिक: दिल्ली का अनुभव अब बंगाल के काम आएगा

कूचबिहार के पूर्व सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री रहे निशीथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इस बार उन्होंने माथाभांगा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। टीएमसी से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले निशीथ 2019 में भाजपा में आए थे। उनके पास केंद्र में काम करने का जो अनुभव है, वह राज्य सरकार के लिए बेहद मददगार साबित होगा।

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