चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब की राजनीति में शनिवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रदेश के ऊर्जा एवं उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। 157 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में घिरे मंत्री को ईडी की टीम चंडीगढ़ से सीधे दिल्ली ले गई है। इस गिरफ्तारी के बाद पंजाब की ‘आप’ सरकार और विपक्षी दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
10 घंटे की पूछताछ और घर से अहम दस्तावेज बरामद
ईडी की टीमों ने शनिवार सुबह संजीव अरोड़ा के आवास पर दस्तक दी। करीब 10 घंटे तक चली सघन पूछताछ और तलाशी अभियान के बाद दोपहर 1 बजे उन्हें हिरासत में लिया गया। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शाम 5 बजे आधिकारिक तौर पर उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने अरोड़ा के घर से लैपटॉप, मोबाइल और उनकी कंपनियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं, जो इस घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में अहम साबित हो सकते हैं।
क्या है 157 करोड़ का पूरा घोटाला?
ईडी के अनुसार, यह मामला मोबाइल फोन की फर्जी बिक्री और फर्जी एक्सपोर्ट से जुड़ा है। संजीव अरोड़ा पर आरोप है कि:
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उन्होंने अपनी फर्मों के जरिए 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी मोबाइल बिक्री दिखाई।
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शेल कंपनियों के माध्यम से दुबई से भारत में अवैध रकम की ‘राउंड-ट्रिपिंग’ की गई।
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दिल्ली की गैर-मौजूद फर्मों से फर्जी जीएसटी बिल हासिल कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और जीएसटी रिफंड का गलत फायदा उठाया।
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इस फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को भारी चपत लगाकर व्यक्तिगत संपत्ति बनाई गई।
प्रवर्तन निदेशालय ने इस कार्रवाई के तहत ‘हैंपटन स्काई रिएलटी लिमिटेड’ और अरोड़ा से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों व अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से जब्त (Attach) कर लिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का बचाव: ‘बीजेपी में शामिल करने का दबाव’
मंत्री की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि बीजेपी ईडी का इस्तेमाल कर संजीव अरोड़ा पर पार्टी बदलने का दबाव बना रही है। मान ने सवाल उठाया कि “एलपीयू के मालिक अशोक मित्तल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई अचानक क्यों रुक गई?” उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी पूरी मजबूती के साथ संजीव अरोड़ा के साथ खड़ी है।
विपक्ष का हमला: ‘रंगला नहीं, कंगला बना दिया’
वहीं, विपक्षी दलों ने ‘आप’ सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हाल ही में भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कटाक्ष करते हुए कहा, “पंजाब को रंगला बनाने का सपना दिखाकर इन्होंने इसे कंगला बना दिया है। जनादेश प्रदेश चलाने के लिए था, लूटने के लिए नहीं।” अकाली दल और भाजपा ने एक सुर में कहा कि यह ‘ईमानदारों’ का चोला ओढ़कर भ्रष्टाचार करने वाली पार्टी है।
केजरीवाल बोले- पार्टी को तोड़ने की कोशिश
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने भी इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में ‘आप’ को तोड़ना चाहती है, लेकिन हमारी पार्टी एकजुट है और ऐसी डराने वाली कार्रवाइयों से नहीं झुकेगी।















