थलपति विजय का राजतिलक: फिल्मी पर्दे से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर, मुश्किल घड़ी में समुथिरकानी ने दी यह बड़ी सलाह

तमिल सिनेमा के बेताज बादशाह थलपति विजय ने भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। अपने सुनहरे फिल्मी करियर को अलविदा कहकर राजनीति के मैदान में उतरने वाली विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ (TVK) ने महज दो वर्षों के भीतर वह करिश्मा कर दिखाया, जिसका सपना हर राजनेता देखता है। विजय अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत कर चुके हैं। एमजीआर के बाद वे दूसरे ऐसे सुपरस्टार बन गए हैं जिन्होंने सीधे फिल्मी पर्दे से निकलकर सूबे की सर्वोच्च कुर्सी पर कब्जा जमाया है। हालांकि, यह जीत जितनी भव्य दिख रही है, विजय के लिए यहां तक पहुंचने का रास्ता उतना ही कांटों भरा रहा है।

 

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बहुमत की अनिश्चितता और समुथिरकानी की ‘भविष्यवाणी’

शनिवार का दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद उथल-पुथल भरा रहा। विधानसभा में बहुमत को लेकर जब संशय के बादल मंडरा रहे थे, तब विजय के करीबी मित्र और दिग्गज फिल्म निर्माता समुथिरकानी ने एक ऐसी बात कही जिसने सबका ध्यान खींचा। तिरुमाला मंदिर में दर्शन कर लौटे समुथिरकानी ने मीडिया के सामने विजय को जीत से पहले ही ‘माननीय मुख्यमंत्री’ कहकर संबोधित कर दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वे इस ऐतिहासिक दिन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। समुथिरकानी का यह विश्वास ऐसे समय में आया जब सियासी गलियारों में नंबर गेम को लेकर भारी तनाव था।

सत्ता की राह में आने वाली चुनौतियों का अलर्ट

मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले ही समुथिरकानी ने विजय को आगाह करते हुए कहा कि अब तक की मुश्किलें तो महज एक ट्रेलर थीं। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद विजय के सामने असली चुनौतियां और बड़ी बाधाएं आएंगी। अनुभवी फिल्म निर्माता ने उम्मीद जताई कि जिस तरह विजय ने अपनी फिल्मों में हर विलेन को धूल चटाई, उसी तरह वे राजनीति की मुश्किलों को भी पार कर एक आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित करेंगे। समुथिरकानी की यह सलाह विजय के लिए प्रशासनिक गुरुमंत्र की तरह देखी जा रही है।

निजी जीवन के विवादों और आलोचनाओं का सामना

राजनीतिक सफलता के बीच विजय का निजी जीवन भी बीते महीनों में काफी चर्चा में रहा। उनकी पत्नी संगीता सोरनलिंगम द्वारा तलाक की अर्जी और बेवफाई के आरोपों ने थलपति की छवि पर सवाल खड़े किए थे। उस दौरान जब विजय को एक शादी समारोह में को-एक्ट्रेस तृषा कृष्णन के साथ देखा गया, तो सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी। दिलचस्प बात यह है कि उस समय समुथिरकानी ने भी विजय के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की थी। एक वायरल वीडियो में उन्होंने घर की बातों को सार्वजनिक करने और बदले की भावना पर सवाल उठाए थे, जिसे उन्होंने बाद में अपना व्यक्तिगत दर्द करार दिया था।

फिल्मी करियर का विवादित अंत और नई जिम्मेदारी

विजय की राजनीति में एंट्री के साथ ही उनके फिल्मी करियर का अंत भी काफी नाटकीय रहा। उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ सेंसर बोर्ड के साथ विवादों के चलते अब तक सिनेमाघरों की शक्ल नहीं देख पाई है। जनवरी में रिलीज होने वाली यह फिल्म कानूनी पेचों में ऐसी फंसी कि विजय को बिना अपनी आखिरी फिल्म देखे ही राजनीति की कमान संभालनी पड़ी। अब जबकि वे मुख्यमंत्री बन चुके हैं, यह तय माना जा रहा है कि वे भविष्य में कोई भी नई फिल्म साइन नहीं करेंगे। थलपति से मुख्यमंत्री बने विजय के लिए अब असली परीक्षा जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की है।

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