NEET UG 2026 Cancelled: पेपर लीक के बाद बड़ा फैसला, अब CBI करेगी मामले की जांच; 5-5 लाख में बिका था पेपर…जानें कब होगी दोबारा परीक्षा। ….

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) को लेकर मचे भारी बवाल के बाद आखिरकार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इसे रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में, NTA जल्द जारी करेगा नई तारीख

नीट यूजी 2026 की परीक्षा में इस साल 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे, जो अब परीक्षा रद्द होने से गहरे संकट में हैं। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गरिमा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसे दोबारा आयोजित किया जाएगा। दोबारा होने वाली परीक्षा की तारीखों का ऐलान जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सीबीआई जांच के जरिए नेटवर्क की तह तक जाया जाएगा और एनटीए जांच टीम को हर संभव रिकॉर्ड और सामग्री उपलब्ध कराएगी।

720 में से 600 नंबर के सवाल हुए थे लीक, 5-5 लाख में बिका ‘ईमान’

जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। दावा किया जा रहा है कि 720 नंबर के प्रश्नपत्र में से करीब 600 नंबर के सवाल परीक्षा से तीन दिन पहले ही बाजार में आ चुके थे। सूत्रों के मुताबिक, यह पेपर 5-5 लाख रुपये में बेचा गया था। राजस्थान के सीकर में छात्रों के पास हाथ से लिखे गेस पेपर मिले थे, जिनका मिलान जब असल परीक्षा पत्र से किया गया, तो वे हूबहू निकले। इस धांधली ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजस्थान SOG की कार्रवाई में 13 संदिग्ध हिरासत में, केरल से जुड़े तार

इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक मामले के तार राजस्थान से लेकर केरल तक जुड़े नजर आ रहे हैं। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने देहरादून, सीकर और झुंझुनू में छापेमारी कर 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिसमें नामी कोचिंग संस्थानों के करियर काउंसलर भी शामिल हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे एमबीबीएस छात्र ने 1 मई को यह पेपर सीकर भेजा था, जहां से एक पीजी संचालक के जरिए यह दर्जनों छात्रों तक पहुँच गया।

2024 के जख्म हुए ताजा, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी नहीं सुधरे हालात

यह पहली बार नहीं है जब नीट परीक्षा विवादों में है। साल 2024 में भी पेपर लीक के आरोपों के कारण हड़कंप मचा था। उस वक्त पटना और हजारीबाग में गिरफ्तारियां हुई थीं और 67 छात्रों के 720 में से 720 अंक आने पर देशव्यापी विरोध हुआ था। हालांकि, तब सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी, लेकिन इस बार पेपर लीक का दायरा इतना बड़ा है कि सरकार को पूरी परीक्षा निरस्त करने और सीबीआई जांच बिठाने पर मजबूर होना पड़ा है।

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