गुवाहाटी। असम की सियासत में आज एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया है। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित एक भव्य और गौरवशाली समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सुबह 11:40 बजे डॉ. सरमा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत देश के कई शीर्ष नेता बने।
गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री के रूप में बनाया अनोखा रिकॉर्ड
इस शपथ ग्रहण के साथ ही डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नाम एक विशिष्ट उपलब्धि जुड़ गई है। वह असम के इतिहास में कांग्रेस के इतर किसी अन्य दल के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने लगातार दूसरी बार इस सर्वोच्च पद की कमान संभाली है। राज्य में यह भाजपा नीत एनडीए (NDA) की लगातार तीसरी सरकार है। बता दें कि 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में पहली बार भाजपा सत्ता में आई थी, जिसके बाद 2021 में जिम्मेदारी डॉ. सरमा को मिली और अब 2026 में जनता ने उनके नेतृत्व पर पुनः मुहर लगाई है।
नई कैबिनेट में क्षेत्रीय संतुलन, चार मंत्रियों ने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री के साथ-साथ चार अन्य वरिष्ठ विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की नई सरकार का रोडमैप तैयार किया। शपथ लेने वाले मंत्रियों में रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग शामिल हैं। यह नई कैबिनेट न केवल अनुभव का मिश्रण है, बल्कि इसमें क्षेत्रीय समीकरणों और सहयोगी दलों का भी उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री का परिवार भी भावुक और गौरवान्वित नजर आया। उनकी बेटी सुकन्या सरमा ने इस अवसर को पूरे परिवार के लिए अत्यंत गर्व का विषय बताया।
पूर्वोत्तर के ‘चाणक्य’ से विकास की नई उम्मीदें
2016 में भाजपा का दामन थामने के बाद से हिमंत बिस्वा सरमा को पूर्वोत्तर में पार्टी की जड़ें मजबूत करने वाला मुख्य रणनीतिकार माना जाता रहा है। समारोह में मौजूद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास जताया कि डॉ. सरमा का कुशल नेतृत्व असम को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उनके इस दूसरे कार्यकाल से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, शांति बहाली और आर्थिक प्रगति के एजेंडे को और अधिक रफ्तार मिलने की संभावना है। कार्यक्रम में उमड़ी हजारों की भीड़ ने राज्य में उनके बढ़ते कद और जन-समर्थन की पुष्टि कर दी है।















