
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी के बाद देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आम जनता के लिए परेशान करने वाली बात यह है कि एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी बार है जब तेल के दामों में इजाफा किया गया है। हालांकि, राहत की बात इतनी है कि आज की गई यह बढ़ोतरी मामूली है, लेकिन लगातार बढ़ते दाम बजट बिगाड़ने के लिए काफी हैं। आज सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की है।
दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के नए दाम
इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। गौरतलब है कि इससे ठीक पहले हुई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। वहीं, अगर डीजल की बात करें तो 91 पैसे की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलेगा, जो इससे पहले 90.67 रुपये प्रति लीटर पर था।
मुंबई, कोलकाता और लखनऊ समेत बड़े शहरों का हाल
कच्चे तेल की इस आग ने देश के अन्य महानगरों और बड़े शहरों को भी प्रभावित किया है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत अब 107.59 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गई है, जबकि डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल का ग्राफ 109.70 रुपये प्रति लीटर छू चुका है और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां पेट्रोल 98.42 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.73 रुपये प्रति लीटर के भाव पर पहुंच गया है।
पटना, जयपुर और बेंगलुरु में तेल के ताजा आंकड़े
बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल के दाम 109.54 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 95.58 रुपये प्रति लीटर दर्ज किए गए हैं। राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल की कीमत 108.94 रुपये और डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, कर्नाटक के बेंगलुरु में वाहन चालकों को पेट्रोल के लिए 107.14 रुपये और डीजल के लिए 95.04 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करना होगा।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम और कंपनियों को कितना था नुकसान
आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही एक लंबे अंतराल के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एकमुश्त 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई थी। वह फैसला भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के दबाव में लिया गया था। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के महंगे होने के कारण देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी घाटे की भरपाई और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए तेल कंपनियों को लगातार दाम बढ़ाने का यह सख्त कदम उठाना पड़ रहा है।














