
उमर मोमिन, प्रमुख, गोदरेज फाउंडेशन
देश में प्रतिभाशाली युवाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और मेंटरशिप उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गोदरेज फाउंडेशन ने ‘टुमॉरो मेकर्स’ नामक राष्ट्रीय मंच की शुरुआत की है। यह पहल विशेष रूप से छोटे शहरों, ग्रामीण क्षेत्रों और कम आय वाले परिवारों से आने वाले छात्रों की क्षमता को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने पर केंद्रित है। इस पहल और इसके उद्देश्यों पर गोदरेज फाउंडेशन के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, ओमर मोमिन ने विस्तार से अपने विचार साझा किए।
आपको एक नेशनल प्लेटफॉर्म के रूप में टुमॉरो मेकर्स शुरू करने की प्रेरणा कैसे मिली?
उमर मोमिन, चीफ एग्ज़िक्यूटिव ऑफिसर, गोदरेज फाउंडेशन ने बताया की हमारे देश में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी रहती है। असाधारण प्रतिभाएं देश में हर जगह मौजूद हैं। लेकिन हर प्रतिभाशाली स्टूडेंट को अपनी काबिलियत के अनुरूप अवसर नहीं मिल पाते हैं। छोटे शहरों, गाँवों और कम आय वाले परिवारों में युवा अपनी क्षमताओं को पहचान ही नहीं पाते क्योंकि उनके पास एक्सपोज़र, मेंटरशिप और करियर के स्पष्ट रास्ते नहीं होते हैं।
इस कमी को दूर करने के लिए गोदरेज फाउंडेशन ने टुमॉरो मेकर्स शुरू किया है। यह नेशनल प्लेटफॉर्म कक्षा 6 से 12 तथा ग्रेजुएट कोर्स तक प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स की पहचान करेगा और उन्हें संगठनों, एजुकेटर्स, मेंटर्स, कंपटीशन तथा तैयारी करने वाले उनके साथियों से जोड़ेगा, ताकि वो अपनी क्षमताओं का विकास कर सकें। स्टेम (साईंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) में अवंति फैलोज़ और दक्षणा, आर्ट्स में स्लैम आउट, इनोवेशन में मेकरघाट तथा डिफेंस में डेल्टा स्क्वैड फाउंडेशन और युवातेजस के साथ पार्टनरशिप में हमारा प्लेटफॉर्म विभिन्न उम्र के स्टूडेंट्स को अपनी काबिलियत के अनुसार अवसर उपलब्ध कराएगा।
यह अभियान नेशनल लेवल पर कमजोर बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स को प्रतियोगिता में आगे बढ़ने में मदद कैसे करेगा?
क्मजोर बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स की सबसे बड़ी चुनौती होती है सही ईकोसिस्टम तक पहुँच। आप देश के बेहतरीन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में कम आय वाले परिवारों के स्टूडेंट्स की संख्या देखेंगे, तो यह स्पष्ट हो जाएगा। उच्च शिक्षा के संस्थानों में भारत में सबसे अधिक आय वाले परिवारों के 51 प्रतिशत से अधिक युवा पढ़ते हैं, तो वहीं सबसे कम आय वाले परिवारों के स्टूडेंट्स की संख्या केवल 8 प्रतिशत है। कम आय वाले परिवारों के स्टूडेंट्स बिना सपोर्ट के अपनी पूरी क्षमता का विकास नहीं कर सकते हैं।
टुमॉरो मेकर्स एक्सपर्ट पार्टनर्स, मेंटरशिप और पीयर नेटवर्क के माध्यम से उन्हें क्वालिटी ट्रेनिंग प्रदान करेगा और उनकी तैयारी में मदद करेगा। साथ ही उन्हें इंस्टीट्यूशंस और करियर के पाथवे का एक्सपोज़र प्रदान करेगा। स्टूडेंट्स को करियर का पाथवे मिलेगा, तो वो कंपटीटिव वातावरण के लिए तैयार हो जाएंगे।
आज के एजुकेशन सिस्टम में टेलेंट की जल्दी पहचान करना जरूरी क्यों है?
टेलें टको आगे बढ़ने के लिए समय और सही वातावरण की जरूरत होती है। कई वंचित क्षेत्रों में टेलेंट की पहचान सही समय पर नहीं हो पाती है। टेलेंटेड स्टूडेंट्स को सालों तक तैयारी की गाईडेंस, एक्सपोज़र और सपोर्ट नहीं मिल पाते हैं।
इसीलिए टुमॉरो मेकर्स मेंटरशिप और ट्रेनिंग द्वारा कक्षा 6-7 से ही स्टूडेंट्स की पहचान करने और उन्हें लाँग-टर्म करियर के पाथवे प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। हम टेलें टको जितना जल्दी पहचानकर आगे बढ़ाएंगे, उनमें कॉन्फिडेंस विकसित होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी, जिससे उनकी क्षमता बढ़ेगी और वो स्थायी सफलता प्राप्त कर सकेंगे।
टुमॉरो मेकर्स वंचित समुदायों से स्टूडेंट्स को सफलता की ओर ले जाकर एक इंक्लुसिव इंडिया बनाने में क्या योगदान देगा?
भारत में फ्यूचर ग्रोथ केवल औसत सुधारों पर निर्भर नहीं करती। बल्कि इस बात पर निर्भर करती है कि हर आय, स्थान और पहचान वाले असाधारण टेलेंट को विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली पदों और लीडरशिप तक पहुँचने का अवसर मिलता है या नहीं। सामाजिक आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड के टेलेंटेड स्टूडेंट्स को वहाँ तक पहुँचने के लिए काफी सपोर्ट की जरूरत होती है, और यही हमारा लक्ष्य है।
टुमॉरो मेकर्स पहले साल लगभग 5,000 से 10,000 स्टूडेंट्स तक पहुँचकर उन्हें करियर का पाथवे प्रदान करेगा। इस काम में पार्टनर संगठन हमारी मदद करेंगे क्योंकि उनके पास मजबूत ऑन-ग्राउंड प्रेज़ेंस और लोकल ट्रस्ट होता है। अपने विस्तार के साथ हम साईंस, आर्ट्स, इनोवेशन, एंट्रप्रेन्योरशिप और पब्लिक सर्विस में भविष्य के लीडर्स की एक विस्तृत और रिप्रेज़ेंटेटिव पाईपलाईन तैयार करना चाहते हैं।
मल्टीप्लायर इफेक्ट भी जरूरी है। जब युवा टेलेंट सफल होता है, तो इससे न केवल उसका भविष्य बनता है, बल्कि उसके परिवार और समुदाय में भी परिवर्तन होता है। समय के साथ, ज्यादा इंक्लुसिव ईकोसिस्टम बनाने में मदद मिलती है, ताकि अवसर क्षमता के आधार पर मिले, सुविधाओं तक पहुँच के आधार पर नहीं।
इस प्लेटफॉर्म द्वारा मेंटरशिप और एक्सपोज़र से स्टूडेंट्स को बड़े अवसरों का कॉन्फिडेंस कैसे मिलेगा?
क्षमता और उपलब्धता के बीच मेंटरशिप और एक्सपोज़र एक छूटा हुआ लिंक होते हैं। स्टूडेंट्स के सामने केवल एकेडेमिक चैलेंज नहीं होता है। उन्हें कॉन्फिडेंस, अवेयनेस और अवसरों का लाभ उठाने की एबिलिटी भी विकसित करनी जरूरी है। टुमॉरो मेकर्स उन्हें इसी में मदद करेगा। यह उन्हें सही मेंटर्स से जोड़ेगा।
सलेक्टेड स्टूडेंट्स को मेंटर्स उनके लिए मौजूद अवसरों और करियर पाथवे के बारे में बताएंगे। वो लगातार गाईडेंस देकर स्टूडेंट का कॉन्फिडेंस बढ़ाएंगे। यह वंचित बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि उनके पास अवसरों, एक्सपोज़र और सपोर्ट की कमी होती है।













