चढ़ावा चोरी कांड के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी बैठक, खोल दिया 6 साल की कमाई और खर्च का पूरा कच्चा चिट्ठा; जानिए तिजोरी में कितना है सोना-चांदी!

अयोध्या: राम जन्मभूमि परिसर में सामने आए चढ़ावा चोरी के मामले के बाद सोमवार, 6 जुलाई 2026 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम और बड़ी बैठक हुई. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए ट्रस्ट ने साल 2020 में अपनी स्थापना से लेकर अब तक की कुल आय, खर्च और अचल संपत्तियों का पाई-पाई का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है. ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 6 वर्षों में रामलला के दरबार में देश-दुनिया से कुल 3,846 करोड़ रुपये का भारी-भरकम दान और चढ़ावा आ चुका है. इसमें 3,264 करोड़ रुपये का सीधा दान और 582 करोड़ रुपये का नियमित चढ़ावा शामिल है, जिसका उपयोग मंदिर निर्माण, दैनिक संचालन और अयोध्या के विकास कार्यों में किया गया है.

रामलला के दरबार में एक साल का खर्च 91.76 करोड़, जूता स्टैंड से लेकर सुरक्षा तक करोड़ों उड़ाए

ताजा वित्तीय विवरण के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट ने सिर्फ एक वित्तीय वर्ष (2025-26) के भीतर भगवान के भोग-प्रसाद से लेकर परिसर की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर कुल 91.76 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो रामलला के भोग प्रसाद और दैनिक पूजा-अर्चना पर 12.85 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि सुरक्षा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए 11.49 करोड़ रुपये की राशि दी गई. इसके अलावा, मंदिर के भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रमों पर 10.48 करोड़ रुपये, भक्तों की लॉकर सुविधा पर 4.43 करोड़ रुपये और परिसर में बनाए गए शू-रैक (जूता स्टैंड) की सुविधा पर 2.05 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. वहीं, ट्रस्ट के कार्यालय को चलाने और प्रशासनिक कार्यों को पूरा करने में 2.22 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं.

निधि समर्पण अभियान से मिले 3,264 करोड़, जानिए निर्माण कार्य पर अब तक कितना हुआ खर्च

ट्रस्ट की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक राम मंदिर को मुख्य रूप से दो बड़े जरियों से फंड मिला है. इसमें पहला जरिया राष्ट्रव्यापी निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस फंड रहा, जबकि दूसरा जरिया श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर के दानपात्रों में डाला जाने वाला नियमित चढ़ावा है.

  • निधि समर्पण और कॉर्पस दान: इस महा-अभियान के जरिए ट्रस्ट के पास कुल 3,264 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि जमा हुई.

  • निर्माण पर खर्च: निधि समर्पण से मिले कुल 3,264 करोड़ रुपये में से अब तक 2,370 करोड़ रुपये सीधे तौर पर भव्य राम मंदिर के मुख्य ढांचे के निर्माण और परिसर के अन्य जरूरी विकास कार्यों में खर्च किए जा चुके हैं.

  • कुल नियमित चढ़ावा: मंदिर के कपाट खुलने से लेकर 31 मार्च 2026 तक रामलला के चरणों में कुल 582 करोड़ रुपये का चढ़ावा (दानपात्र व अन्य काउंटर) अर्पित किया गया.

  • ऑपरेशनल खर्च: चढ़ावे के रूप में प्राप्त 582 करोड़ रुपये में से 391 करोड़ रुपये मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं और संचालन को सुचारू रखने के लिए खर्च किए गए हैं, जबकि शेष राशि को बैंकों में पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है.

बिना ऑडिटिंग के सामने आया एक साल की कमाई का ब्योरा, ब्याज से ही कमाए 151 करोड़ रुपये

1 अप्रैल 2025 से लेकर 31 मार्च 2026 तक के अन-ऑडिटेड (गैर-अंकेक्षित) वित्तीय विवरणों से पता चलता है कि ट्रस्ट की एक साल की आय का ढांचा बेहद मजबूत है. इस एक साल के भीतर ट्रस्ट को विभिन्न माध्यमों से कुल 250.04 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष आय हुई, जिसमें बैंकों में जमा पैसों पर मिला मोटा ब्याज भी शामिल है.

1. आय के प्रमुख स्रोत:

  • स्वैच्छिक योगदान (सीधा दान): 98.24 करोड़ रुपये

  • दानपात्रों से मिला नकद (कैश): 66.55 करोड़ रुपये

  • मंदिर के विभिन्न काउंटरों से दान: 21.05 करोड़ रुपये

  • ऑनलाइन डिजिटल माध्यम से प्राप्त राशि: 9.70 करोड़ रुपये

  • विदेशी मुद्रा (FCRA खाता): 0.94 करोड़ रुपये

  • बैंकों से मिली ब्याज आय: विभिन्न बैंकों में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट और खातों से ट्रस्ट को 151.80 करोड़ रुपये की बंपर ब्याज आय हुई है.

2. कहां हुआ 422.74 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च?

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ट्रस्ट ने करीब 10 बड़े स्थाई निर्माण और विकास कार्यों के लिए कुल 422.74 करोड़ रुपये का बड़ा पूंजीगत निवेश (Capital Expenditure) किया है.

  • मुख्य मंदिर निर्माण कार्य: सबसे बड़ा हिस्सा यानी 375.40 करोड़ रुपये मंदिर के सिविल और नक्काशी कार्यों पर खर्च हुआ.

  • जमीन की बड़ी खरीदारी: राम मंदिर परिसर के भव्य विस्तार के लिए ट्रस्ट ने 14 अलग-अलग रजिस्ट्रियों के जरिए 1.12 लाख स्क्वायर फीट (करीब 2.57 एकड़) जमीन खरीदी, जिस पर कुल 21.53 करोड़ रुपये व्यय हुए.

  • कैनोपी और अन्य निर्माण: प्रसिद्ध कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) द्वारा बनाई जा रही कैनोपी पर 9.81 करोड़ रुपये, यात्री स्वागत केंद्र पर 4.83 करोड़ रुपये, राम निवास के पास डॉरमेट्री (शयनशाला) पर 2.76 करोड़ रुपये और बाग बिजेसी में चल रहे निर्माण कार्यों पर 2.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए.

3. दैनिक संचालन और व्यवस्थाओं का लेखा-जोखा:

सालाना संचालन पर हुए कुल 91.76 करोड़ रुपये के खर्च को 31 अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है, जिसके मुख्य अंश इस प्रकार हैं:

  • भोग प्रसाद और पूजा-पाठ: 12.85 करोड़ रुपये

  • सुरक्षा सेवाएं: 11.49 करोड़ रुपये

  • मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम: 10.48 करोड़ रुपये

  • अन्न क्षेत्र (मुफ्त भोजन व्यवस्था): 9.26 करोड़ रुपये

  • मंदिर का रख-रखाव और संचालन: 8.98 करोड़ रुपये

  • सफाई और हाउसकीपिंग सेवाएं: 4.91 करोड़ रुपये

  • बिजली का बिल और व्यवस्था: 4.41 करोड़ रुपये

  • लॉकर की मुफ्त सुविधा: 4.43 करोड़ रुपये

  • कर्मचारियों का वेतन और लाभ: 2.59 करोड़ रुपये

  • दफ्तर और प्रशासनिक औपचारिकताएं: 2.22 करोड़ रुपये

  • जूता स्टैंड (शू रैक) संचालन: 2.05 करोड़ रुपये

  • मरम्मत व मेंटेनेंस कार्य: 2.45 करोड़ रुपये

  • श्रद्धालुओं के कल्याण की गतिविधियां: 1.39 करोड़ रुपये

  • विशेष उत्सव एवं त्योहारों पर आयोजन खर्च: 1.84 करोड़ रुपये

रामलला के खजाने में जमा हुआ 15 क्विंटल से अधिक सोना-चांदी, सीए करते हैं भौतिक सत्यापन

नकद और ऑनलाइन ट्रांसफर के अलावा, देश और दुनिया के कोने-कोने से रामभक्तों ने अपने आराध्य को सोने-चांदी के रूप में बेशकीमती वस्तुएं भेंट की हैं. ट्रस्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक कुल 2,926 बहुमूल्य वस्तुएं उपहार स्वरूप मिल चुकी हैं. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर साल चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की टीम द्वारा इन कीमती धातुओं का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है.

  • चांदी का विशाल भंडार: 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट को सीधे तौर पर 669.653 किलो चांदी के आभूषण और वस्तुएं मिली थीं. इसके अलावा भारत सरकार की टकसाल (SPMCIL) में पुरानी चांदी को गलाकर और रिफाइन करके 99.99 प्रतिशत शुद्धता वाली 43 नई चांदी की ईंटें तैयार की गईं, जिनका कुल वजन 849.272 किलोग्राम है. इस तरह वर्तमान में रामलला के पास कुल 1,518.925 किलो (करीब 15.18 क्विंटल) चांदी सुरक्षित जमा है.

  • सोने का खजाना: भक्तों द्वारा अब तक कुल 32.259 किलो सोने के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं रामलला के चरणों में अर्पित की जा चुकी हैं. सुरक्षा के लिहाज से इन सभी बहुमूल्य धातुओं को गलाकर ठोस छड़ें (Gold Bars) बना दी गई हैं और इन्हें बैंक के सुरक्षित लॉकर में रखवाया गया है.

खर्चों की बौछार के बाद भी बैंकों में जमा हैं 1,876 करोड़ रुपये, जानिए किस बैंक में है कितना फंड?

भव्य निर्माण कार्यों, भूमि खरीद और बड़े आयोजनों पर पानी की तरह पैसा बहाने के बावजूद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति आज भी बेहद मजबूत और सुरक्षित है. 31 मार्च 2026 की समय सीमा तक ट्रस्ट के पास कुल 1,876.30 करोड़ रुपये का विशाल फंड देश के शीर्ष बैंकों के अलग-अलग खातों में जमा है, जो इस प्रकार है:

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): 791.04 करोड़ रुपये

  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB) फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): 652.88 करोड़ रुपये

  • बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): 327.30 करोड़ रुपये

  • सुरक्षित म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) निवेश: 87.00 करोड़ रुपये

  • ऑटो स्वीप और सामान्य बचत खाते (Savings Accounts): क्रमशः 10.87 करोड़ रुपये और 4.77 करोड़ रुपये

  • विदेशी अंशदान अधिनियम (FCRA) बैंक बैलेंस: 1.67 करोड़ रुपये

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