
उत्तर प्रदेश के झांसी में अपराध का एक नया और खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहा है. ‘पैसा लाओ और किसी की भी हत्या करवा लो’ की तर्ज पर सुपारी किलिंग का धंधा पैर पसार रहा है. पुलिस मुठभेड़ में अपराधी पकड़े तो जा रहे हैं, लेकिन जेल से छूटने के बाद फिर से वारदातों को अंजाम देने का खतरा बना रहता है. इस बीच झांसी पुलिस ने नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित ‘मेड किचन रेस्टोरेंट’ के पास हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझा ली है. पुलिस ने एनकाउंटर के बाद साजिशकर्ता और शूटर समेत दो बदमाशों को धर दबोचा है.
मुठभेड़ के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए गए आरोपी
मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति के निर्देशन में पुलिस टीमों का गठन किया गया था. बीती रात पुलिस को सूचना मिली कि करगुवा जी सालासर सिटी से न्यू पुलिस लाइन जाने वाले कच्चे रास्ते पर भैसासुर बब्बा मंदिर के पास एक संदिग्ध कार खड़ी है, जिसमें हत्यारे मौजूद हैं. पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो कार सवार बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है.
दो तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल कार बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिद्धेश्वर नगर (सीपरी बाजार) निवासी अजीम सैफी उर्फ भीम और परवई (रक्सा) निवासी धर्मेंद्र सिंह परिहार के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके कब्जे से दो देशी तमंचे (315 बोर), नाल में फंसे खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और हत्या में इस्तेमाल की गई एक औरा (Aura) कार बरामद की है.

प्रॉपर्टी विवाद और रंजिश बनी हत्या की मुख्य वजह
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक संजय सिंह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था. पाल कॉलोनी स्थित एक जमीन को लेकर उसका अजय यादव और धर्मेंद्र परिहार से काफी समय से विवाद चल रहा था. रंजिश इतनी बढ़ गई थी कि संजय ने अजय के खिलाफ केस दर्ज कराने का प्रयास किया था, जबकि धर्मेंद्र को एक कमरे में बंद कर मारपीट और प्लॉट पर कब्जे का आरोप भी था. इसी रंजिश के चलते अजय यादव और धर्मेंद्र सिंह परिहार ने मिलकर संजय की हत्या का ताना-बाना बुना.
50 हजार की एडवांस सुपारी और 23 जुलाई को रेकी कर मारी गोली

हत्याकांड को अंजाम देने के लिए जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, हुसैन उर्फ खड्ड और अजीम उर्फ शेफी को सुपारी दी गई थी, जिसके लिए 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे. 23 जुलाई की रात लगभग 8:30 बजे अजय और धर्मेंद्र की सूचना पर शूटर मेड किचन रेस्टोरेंट पहुंचे. संजय सिंह जब रेस्टोरेंट में खाना खा रहा था, तब हुसैन उर्फ खड्ड ने उसके सिर पर बेहद करीब से पिस्टल सटाकर गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई.









