लखनऊ में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: 15 लाख की रिश्वत लेते LDA का जेई, सुपरवाइजर और दलाल गिरफ्तार; निर्माण पर कार्रवाई रोकने का था मामला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस टीम ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के एक अवर अभियंता (JE), एक सुपरवाइजर और एक दलाल को 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और उसकी पहली किस्त लेते समय रंगे हाथ दबोच लिया है। इन तीनों आरोपियों पर अवैध निर्माण पर कार्रवाई न करने और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर दर्ज शिकायत का निस्तारण कराने के एवज में भारी-भरकम रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है।

निर्माण कार्य बंद कराने की धमकी देकर मांगी थी घूस

मिली जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ सेक्टर के पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि एलडीए के अवर अभियंता (जेई) दिनेश कुमार वर्मा उसके निर्माण कार्य को अवैध बताकर बंद कराने की धमकी दे रहे हैं। जेई ने शिकायतकर्ता से कहा था कि निर्माण के संबंध में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज है, जिसे रफा-दफा करने के लिए एक निजी व्यक्ति श्रवण कुमार से संपर्क किया जाए।

इसके बाद निजी व्यक्ति श्रवण कुमार ने एक अस्पताल के गेट पर शिकायतकर्ता से मुलाकात कर पूरे 15 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। बाद में एलडीए कार्यालय में अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा और सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश से भी पीड़ित की मुलाकात कराई गई, जहां दोनों अधिकारियों ने भी रिश्वत की इस मांग का समर्थन किया और इसे दोहराया। जब शिकायतकर्ता ने एकमुश्त इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो यह सौदा 7.5 लाख और 7.5 लाख रुपये की दो किस्तों में चुकाने पर तय हुआ।

विजिलेंस ने बिछाया जाल, रंगे हाथ दबोचे गए आरोपी

रिश्वत देने के बजाय पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे विजिलेंस विभाग से कर दी। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने के आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाए गए।

जांच पुख्ता होने के बाद विजिलेंस टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। तय योजना के तहत शुक्रवार, 1 अगस्त 2026 को जैसे ही आरोपी रिश्वत की पहली किस्त ले रहे थे, विजिलेंस की टीम ने एलडीए के अवर अभियंता दिनेश कुमार वर्मा, सुपरवाइजर चंद्र प्रकाश और दलाल/निजी व्यक्ति श्रवण कुमार को रंगे हाथ धर दबोचा।

एलडीए में मचा हड़कंप, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

विजिलेंस की इस ताबड़तोड़ और गोपनीय कार्रवाई के बाद एलडीए (LDA) दफ्तर में भारी हड़कंप मच गया है। सतर्कता अधिष्ठान तीनों गिरफ्तार आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रहा है। टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रिश्वतखोरी के सिंडिकेट और नेटवर्क में विभाग के कुछ अन्य बड़े चेहरे भी शामिल हैं या नहीं। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

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