
- भारत-रूस संबंधों, व्यापार और आर्थिक सहयोग पर हुई चर्चा; पुतिन ने SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी से मुलाकात की जताई इच्छा
मॉस्को। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर रूस के दो दिवसीय दौरे पर हैं और उन्होंने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 27वीं बैठक की भी सह-अध्यक्षता की।
पुतिन से मुलाकात के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें व्यक्तिगत संदेश सौंपा। उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं के साथ अपनी बात शुरू करना चाहता हूं। उन्होंने मुझे एक निजी संदेश दिया है, जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूं।” जयशंकर ने कहा कि अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को लेकर एक अच्छी रिपोर्ट तैयार हुई है।
आर्थिक सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति
जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नए अवसर तलाशे जाएंगे।
पुतिन ने पीएम मोदी से मुलाकात की जताई इच्छा
वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं भेजीं। उन्होंने जयशंकर से कहा कि वह निकट भविष्य में पीएम मोदी से मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। पुतिन ने विशेष रूप से आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से आमने-सामने मुलाकात की इच्छा जताई।
BRICS समिट में पुतिन के स्वागत को भारत तैयार
जयशंकर ने पुतिन को भारत में होने वाले आगामी BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का भी संदेश दिया। नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को BRICS शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है, जिसमें पुतिन के शामिल होने की उम्मीद है।
जयशंकर का रूस दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत और रूस आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उनकी यात्रा के दौरान व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
भारत-रूस व्यापार पर भी हुई चर्चा
रूस के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों को लेकर भी यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुतिन ने दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़े सहयोग से जोड़ा। दोनों पक्षों ने आर्थिक संबंधों को और विस्तार देने तथा विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
जयशंकर की मॉस्को यात्रा भारत-रूस संबंधों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों को व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, विज्ञान और तकनीक समेत विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है।













