दिल्ली में भीषण हादसा: DU साउथ कैंपस के सत्य निकेतन में 5 मंजिला PG की इमारत ढही, 5 की मौत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर (साउथ कैंपस) से सटे सत्य निकेतन की एक संकरी गली रविवार दोपहर अचानक चीख-पुकार और धूल के गुबार से भर गई। यहां पेइंग गेस्ट (पीजी) के रूप में इस्तेमाल हो रही करीब 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। अब तक राहत टीमों ने मलबे से 10 लोगों को बाहर निकाला है, जिनमें से 5 की दर्दनाक मौत हो चुकी है। चार लोगों की मौत मौके पर ही हो गई थी, जबकि एक घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। स्थानीय निवासियों का दावा है कि हादसे के वक्त इमारत में 30 से 50 लोग मौजूद हो सकते हैं, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मलबे में फंसे लोगों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम, नींव कमजोर होने से हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि इस पांच मंजिला इमारत में बेसमेंट भी बना हुआ था और यहां ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत व नवीनीकरण का काम चल रहा था। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में हो रही तेज बारिश के कारण बेसमेंट में पानी भर गया था, जिससे इमारत की नींव बेहद कमजोर हो गई थी। रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इमारत के नीचे खड़े कई वाहन भी मलबे की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

BNS की धाराओं में FIR दर्ज, मालिक हरिराम पर शिकंजा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए थाना साउथ कैंपस पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है। मामले में FIR संख्या 153/26 के तहत BNS की धारा 105, 290 और 125(a) में कथित मालिक हरिराम और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

ऑक्सीजन सिलेंडर और श्वान दस्ते की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

दुर्घटना स्थल संकरी और बेहद भीड़भाड़ वाली गली में होने के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एनडीआरएफ की दो टीमों के करीब 70 जवान और विशेष श्वान दस्ता मलबे में जिंदगी की तलाश में जुटा है। मलबे के नीचे फंसे लोगों को सांस लेने में दिक्कत न हो, इसके लिए रेस्क्यू टीम ने नीचे ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाए हैं। मौके पर दमकल की कई गाड़ियां और एम्बुलेंस तैनात हैं। स्थानीय लोग भी बचाव दल के साथ हाथों व उपलब्ध औजारों से मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं।

विभिन्न राज्यों के छात्र रहते थे पीजी में, सीएम और एलजी ने लिया जायजा

सत्य निकेतन का यह इलाका हॉस्टल और पीजी के लिए जाना जाता है, जहां केरल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और क्षेत्रीय सांसद बांसुरी स्वराज ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए शीर्ष अधिकारियों से जमीनी हालात की जानकारी ली है।

 

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