
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास रविवार दोपहर एक इमारत गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत में छात्र पीजी के तौर पर रह रहे थे। सूचना मिलते ही फायर विभाग और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
दोपहर करीब 1:30 बजे मिली इमारत गिरने की सूचना
फायर विभाग को रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि घटना दिल्ली के मोतीबाग इलाके के आसपास हुई है। बचावकर्मी मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी आधिकारिक संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पांच मंजिला थी इमारत, छात्रों के फंसे होने की आशंका
मिली जानकारी के अनुसार, ढही इमारत करीब पांच मंजिला थी। स्थानीय स्तर पर यह भी बताया जा रहा है कि इमारत में छात्र पीजी में रह रहे थे। ऐसे में मलबे के नीचे कई छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे के बाद फायर ब्रिगेड के साथ अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके।
BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया- अंदर छात्र फंसे
घटना के बाद BJP विधायक अनिल शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इमारत में छात्र पीजी में रह रहे थे और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अंदर कितने लोग फंसे हैं।
अनिल शर्मा के मुताबिक, NDRF और MCD की टीमों ने दो छात्रों को बचा लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ छात्रों की ओर से अंदर से फोन किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के अंदर फंसे हो सकते हैं।
विधायक ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता फंसे हुए छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना है और बचाव अभियान लगातार जारी है।
चश्मदीद ने बताया- कमरे में मौजूद छात्र मलबे में दबे
घटनास्थल पर मौजूद एक चश्मदीद के मुताबिक, गिरी इमारत का नाम ‘हॉस्टल डेज़’ बताया जा रहा है। चश्मदीद ने दावा किया कि यह लड़कों के लिए पीजी के तौर पर इस्तेमाल होने वाली करीब पांच मंजिला इमारत थी। उसके बगल की एक अन्य इमारत के भी गिरने की बात कही गई है।
चश्मदीद के अनुसार, हादसे के समय जो छात्र अपने कमरों के अंदर थे, उनके मलबे में फंसे होने की आशंका है। अंदर कितने छात्र मौजूद थे, इसका सही पता रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही चल सकेगा।
कई छात्रों के घायल होने की भी जानकारी
चश्मदीद ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और बचाव दल मौके पर पहुंच गए थे। बचावकर्मी मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं। कुछ छात्रों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य सबसे प्राथमिकता पर चल रहा है। प्रशासन की ओर से मलबे के नीचे फंसे लोगों की सही संख्या और हादसे में हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।















