
वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के रणनीतिक ठिकानों और संपत्तियों को लगातार निशाना बना रही हैं। इसी कड़ी में अमेरिकी सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के पांच कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) ले जाने वाले टैंकरों को हमला करके तबाह कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह सख्त कदम ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइलों से दो बार किए गए हमलों के जवाब में उठाया गया है।
हमले में बाल-बाल बचा अमेरिकी युद्धपोत CENTCOM के आधिकारिक बयान के अनुसार, IRGC ने पिछले 48 घंटों में मध्य पूर्व के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाने की नीयत से दो बार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी युद्धपोत ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों हमलों को नाकाम कर दिया और मिसाइलों से बचने में सफल रहा। इस घटना में किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं आई है और न ही कोई क्षति हुई है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि हमले की कोशिशों के बावजूद उसके युद्धपोत समुद्री सीमा में अपनी गश्त और सुरक्षा गतिविधियां जारी रखे हुए हैं।
ओमान की खाड़ी और खार्ग द्वीप के पास अमेरिकी स्ट्राइक ईरान की ओर से किए गए इस असफल हमले के तुरंत बाद, अमेरिकी सेना ने ईरान के अवैध तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच जहाजों पर सटीक एयरस्ट्राइक की। ओमान की खाड़ी में जिन टैंकरों को निशाना बनाया गया, उनकी पहचान एम/टी कविज़, एम/टी चारमीनार, एम/टी होराइजन 1 और एम/टी रीस्को के रूप में हुई है। इसके अलावा, ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के निकट एम/टी डेर्या नाम के पांचवें टैंकर को भी निशाना बनाया गया।
चालक दल को सुरक्षित निकालकर जहाजों को किया बेकार अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि मिसाइल हमलों से ठीक पहले सभी जहाजों के चालक दल को रेडियो अलर्ट जारी कर जहाज तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद टैंकरों पर इस तरह से हमला किया गया कि वे पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाएं और आगे किसी भी तरह के संचालन के लायक न रहें। अमेरिका ने दावा किया कि इन टैंकरों का इस्तेमाल ईरान के गुप्त तेल नेटवर्क के तहत अरबों डॉलर की कमाई के लिए किया जा रहा था। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इसी अवैध कमाई से IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगी चरमपंथी संगठनों को आर्थिक मदद दी जाती है।
5 सितंबर को भी तबाह किए गए थे 3 ईरानी टैंकर ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिका की यह कोई पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले 5 सितंबर को भी CENTCOM ने तीन ईरानी क्रूड ऑयल टैंकरों को नष्ट कर दिया था। उस समय ईरान ने अमेरिकी विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाने का प्रयास किया था, जिसे अमेरिकी नौसेना ने पूरी तरह विफल कर दिया था। अमेरिका का कहना है कि ईरान के पास इन गुप्त टैंकरों की रक्षा करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और तंत्र मौजूद नहीं हैं।
ईरान ने की हमले की पुष्टि, जवाबी कार्रवाई की दी धमकी दूसरी ओर, ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिका द्वारा अपने दो तेल टैंकरों पर किए गए हमलों की पुष्टि की है। ईरानी मीडिया के अनुसार, एक हमला जास्क के तट के पास और दूसरा खार्ग द्वीप के करीब हुआ। तेहरान ने दावा किया कि जहाजों के चालक दल को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया और इस घटना में किसी की जान नहीं गई है। हालांकि, इस नए हमले के बाद ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास गश्त कर रहे तेल टैंकरों और अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की खुली चेतावनी दी है।














