
नई दिल्ली (विशेष संवाददाता)। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहरभर में जर्जर और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। निगम की टीमों ने दिल्ली के अलग-अलग जोन में त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को 17 खतरनाक इमारतों को ध्वस्त कर दिया, जबकि 5 संपत्तियों को सील कर दिया। इसके अलावा, 15 भवनों को गिराने के आदेश और 9 भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। हाई कोर्ट के आदेश पर जारी सर्वे में अब तक 52 पीजी (पेइंग गेस्ट) आवास खस्ताहाल पाए गए हैं।
चिराग दिल्ली में पीजी की दीवारों में आई बड़ी दरारें, 50 छात्रों को करना पड़ा पलायन
सत्य निकेतन की घटना के बाद शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित छात्र आवासों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इसी बीच चिराग दिल्ली स्थित एक पीजी भवन की दीवारों में अचानक बड़ी और गहरी दरारें आ गईं। खतरे को देखते हुए वहां रह रहे दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के शहीद भगत सिंह कॉलेज और कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज (CVS) के करीब 50 छात्रों को आनन-फानन में मकान खाली करना पड़ा। प्रभावित छात्रों को फिलहाल कॉलेज परिसर में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। हादसों की आशंका के चलते डीयू प्रशासन ने भी अपने सभी कॉलेजों की इमारतों की तत्काल सुरक्षा जांच के कड़े निर्देश दिए हैं।
तीन साल से झुका नेहरू विहार का मकान आखिरकार गिराना शुरू, कई इलाकों में सीलिंग
निगम ने तिमारपुर विधानसभा क्षेत्र के नेहरू विहार स्थित उस चार मंजिला मकान पर आखिरकार हथौड़ा चला ही दिया, जो बीते तीन साल से खतरनाक तरीके से एक तरफ झुका हुआ था। सिविल लाइंस जोन द्वारा 2023 में ध्वस्तीकरण आदेश के बावजूद इसे अब तक नहीं तोड़ा गया था। इसके अलावा सत्य निकेतन, सैदुलाजाब, लक्ष्मी नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, करोल बाग, चांदनी चौक और नेहरू विहार जैसे व्यस्त इलाकों में व्यापक स्तर पर जांच और सीलिंग अभियान चलाया जा रहा है।
खतरे के आधार पर कैटेगराइज होंगी जर्जर इमारतें, जोनल अधिकारियों को सख्त निर्देश
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, पिछले 48 घंटों के भीतर दिल्ली में कुल 48 अवैध व असुरक्षित ढांचों को गिराया जा चुका है और 15 संपत्तियां सील की गई हैं। निगम ने सभी जोनल उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों की इमारतों का सर्वे कर उन्हें खतरे के स्तर के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में चिन्हित करें। जिन इमारतों से मानवीय जान-माल को तत्काल खतरा पाया जाएगा, उन्हें तुरंत खाली करवाकर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।













