
नई दिल्ली। IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लारा प्रोजेक्ट्स समेत सात आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले की जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताए जाने वाली दलील को भी खारिज कर दिया।
अदालत के आदेश के बाद अब मामले की न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी। कोर्ट ने आरोप तय किए गए सभी आरोपियों को 3 अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है।
IRCTC होटलों के टेंडर में हेरफेर का आरोप
यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि उस दौरान रेलवे अधिकारियों ने IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर में कथित तौर पर अनियमितता की थी।
जांच एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, दोनों होटलों की लीज से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितता के बदले जमीन का लेन-देन किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी कथित लेन-देन को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ते हुए जांच की।
ED के मुताबिक, पटना में ट्रांसफर की गई जमीन को अपराध से हुई आय यानी ‘Proceeds of Crime’ से जोड़ा गया है। एजेंसी का आरोप है कि IRCTC होटल टेंडर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के बदले जमीन हासिल की गई थी।
कुछ आरोपियों को कोर्ट से राहत
मामले में अदालत ने कुछ आरोपियों को राहत भी दी है। कोर्ट ने गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, राजीव कुमार रेलन और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया है।
इन आरोपियों के खिलाफ इस मामले में आगे की कार्यवाही नहीं होगी।
3 अक्टूबर को होगी अगली अहम तारीख
राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय किए गए सभी आरोपियों को 3 अक्टूबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। ED की जांच इस मामले में लंबे समय से चल रही है। अब आरोप तय करने का आदेश आने के बाद मुकदमे की कार्यवाही अगले चरण में प्रवेश करेगी।
अदालत ने जांच को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताए जाने वाली दलील को भी खारिज कर दिया। इससे लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।
क्या है IRCTC होटल मामला?
IRCTC होटल मामला रांची और पुरी में रेलवे से जुड़े दो होटलों के संचालन का ठेका एक निजी कंपनी को दिए जाने से संबंधित है। आरोप है कि इन होटलों के टेंडर की प्रक्रिया में कथित अनियमितता की गई और इसके बदले जमीन का लेन-देन हुआ।
ED का आरोप है कि इसी जमीन को अपराध से हुई आय (Proceeds of Crime) के तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा गया। इसी आधार पर एजेंसी ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की।
अब राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश के बाद लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले की न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी। वहीं, सात आरोपियों को डिस्चार्ज किए जाने से उन्हें इस मामले में राहत मिली है।
हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में सभी आरोपियों को अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखने और कानूनी बचाव का पूरा अधिकार है।














