
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अचानक एक अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों शीर्ष नेताओं ने आपसी कड़वाहट को भुलाकर रिश्तों को नए सिरे से सुधारने और भविष्य में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह मुलाकात बेहद संवेदनशील समय में हुई है, जब 14 सितंबर को ओमान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य समझौते को लेकर खाड़ी देशों के बीच महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है।
‘I Don’t Care’: डोनाल्ड ट्रंप ने बेपरवाह रुख अपनाते हुए जंग जल्द खत्म होने का किया दावा
ईरान और यूएई की इस अप्रत्याशित नजदीकी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तीखा और बेपरवाह बयान सामने आया है। आयरिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता (‘I don’t care’), यह पूरी तरह उन देशों पर निर्भर करता है और यह ठीक है।” इसके साथ ही ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध इसी साल, शायद नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के तुरंत बाद या उससे पहले ही समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म होते ही वैश्विक बाजार में पेट्रोल और गैसोलीन की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।
ईरान कर रहा है डील के लिए फोन, लेकिन किसी कमजोर समझौते पर राजी नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे दावा किया कि तेहरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए लगातार वाशिंगटन के संपर्क में है। उन्होंने कहा, “ईरान बहुत शिद्दत से एक डील करना चाहता है और वे लगातार फोन कर रहे हैं। लेकिन उन्हें एक सही और सख्त शर्तों वाली डील करनी होगी। मैं किसी भी कमजोर समझौते पर हस्ताक्षर करने नहीं जा रहा।”
‘हमारा विरोध पड़ोसियों से नहीं, अमेरिकी सैन्य ठिकानों से है’: ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन
दूसरी तरफ, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने तेहरान का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि ईरान को यूएई या अपने पड़ोसी खाड़ी मुल्कों से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य विरोध क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से है, जहां से ईरान पर हमले किए जा रहे हैं। पेजेशकियन ने ब्रिक्स के मंच से पश्चिमी देशों के एकतरफा प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाइयों की पुरजोर निंदा की। वहीं, ब्रिक्स सम्मेलन के समापन पर पारित ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ में भी सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने, आम नागरिकों की सुरक्षा करने और केवल कूटनीतिक बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने का आह्वान किया गया है।















