
मेरठ के पॉश इलाके शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार सुबह से ही भारी पुलिस बल और बुलडोजर तैनात कर दिए गए हैं। आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए अवैध रूप से बने व्यावसायिक निर्माणों को उनके मूल आवासीय स्वरूप में लौटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। शीर्ष अदालत में 21 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई होनी है, जिससे पहले परिषद को ध्वस्तीकरण की अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है। बाजार में भारी तनाव का माहौल है और व्यापारी अपनी दुकानों व शोरूम से आनन-फानन में सामान निकालने में जुटे हैं।
आवासीय जमीन पर बने शोरूम और अस्पतालों पर चला चाबुक मामला शास्त्री नगर के उस आवासीय क्षेत्र का है, जहां नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परिषद ने पूर्व में 44 ऐसी संपत्तियों को सील कर दिया था, जिनमें बड़े-बड़े ज्वैलरी शोरूम, अस्पताल, निजी स्कूल, मिठाई की दुकानें, सैलून और डेयरियां संचालित हो रही थीं। 14 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने इन सभी सील संपत्तियों को ध्वस्त करने के सख्त आदेश दिए थे। इसके बाद परिषद ने सर्वे कर संपत्ति स्वामियों को 15 दिन के भीतर खुद ही ध्वस्तीकरण करने का नोटिस थमाया था। मियाद खत्म होने के बाद अब परिषद ने खुद कार्रवाई करते हुए बुधवार को 6 सील भवनों पर बुलडोजर चला दिया।
इलाके में भारी नाकेबंदी, थम गई आम जिंदगी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह मुस्तैद दिखा। पूरे शास्त्री नगर और सेंट्रल मार्केट को पुलिस बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया। इस अचानक हुई नाकेबंदी की वजह से इलाके की रफ्तार थम गई और सुबह स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को भी पुलिस ने सुरक्षा कारणों से आगे जाने से रोक दिया। बाजार के मुख्य प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है ताकि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो सके।
कैमरों और मीडिया की एंट्री पर रोक से बढ़ा असमंजस कार्रवाई के दौरान शास्त्री नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा। अधिकारियों के निर्देशों का हवाला देते हुए मीडियाकर्मियों की एंट्री भी मौके पर पूरी तरह बैन कर दी गई। पत्रकारों को न तो घटना स्थल के भीतर जाने दिया गया और न ही ध्वस्तीकरण की वीडियोग्राफी या तस्वीरें खींचने की अनुमति मिली। सुरक्षा बल लगातार लोगों को मौके से हटाते रहे, जिससे पूरे इलाके में दिनभर गहमागहमी और असमंजस की स्थिति बनी रही।










