बिहार में परीक्षा धांधली पर बवाल: सड़कों पर उतरे हजारों छात्र, DGP समेत तीन संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुख एक साथ लंबी छुट्टी पर

बिहार की राजधानी पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं परीक्षा और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की सब-इंस्पेक्टर (1,799 पद) भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। राज्य में बने इस भारी असंतोष और कानून-व्यवस्था के संकट के बीच एक बेहद अनोखा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार के साथ-साथ BPSC और BPSSC के अध्यक्ष भी एक साथ लंबी छुट्टी पर चले गए हैं, जिससे राज्य के प्रशासनिक और परीक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

DGP, BPSC और BPSSC अध्यक्षों ने लिया अवकाश, वैकल्पिक प्रभार सौंपे गए राज्य के तीन सबसे अहम संवैधानिक और प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों के एक साथ छुट्टी पर जाने के बाद सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी है।

  • प्रभारी DGP: 21 दिनों की लंबी छुट्टी पर गए DGP विनय कुमार का प्रभार 1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को सौंपा गया है।

  • BPSC का प्रभार: आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई के छुट्टी पर जाने के बाद वरिष्ठ IAS अधिकारी हरजोत कौर को अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

  • BPSSC का प्रभार: BPSSC के अध्यक्ष के. एस. द्विवेदी के अवकाश पर जाने के बाद केंद्रीय चयन परिषद के अध्यक्ष व वरिष्ठ IPS अधिकारी जितेंद्र कुमार को आयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

गांधी मैदान से CM हाउस तक छात्रों का मार्च, पुलिस ने JP गोलंबर पर रोका मंगलवार को छात्रों का प्रदर्शन उस समय बेहद उग्र हो गया जब हजारों अभ्यर्थी तिरंगा लहराते हुए गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए छात्रों को जेपी गोलंबर पर ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया और वैकल्पिक रास्तों से आगे बढ़ने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कुछ उग्र प्रदर्शनकारियों द्वारा रेलवे ट्रैक जाम करने की कोशिश भी की गई।

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) कर रही जांच, प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा और BPSC 70वीं परीक्षा में धांधली के गंभीर आरोपों को देखते हुए राज्य सरकार पहले ही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को जांच के आदेश दे चुकी है। हालांकि, छात्र जांच से असंतुष्ट होकर दोनों परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द कर फिर से कराने पर अड़े हैं। ऐसे संवेदनशील माहौल में राज्य के शीर्ष पुलिस प्रमुख और दोनों प्रमुख भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों का एक साथ अनुपस्थित होना राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।

 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha