
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पुलिस ने एक ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय-स्तर जैसे सुनियोजित जालसाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के नाम पर छात्रों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था. मेडिकल की पढ़ाई और डिग्री-मार्कशीट देने के झांसे में फंसाकर आरोपियों ने अब तक छात्रों से 2 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली थी. इस पूरे मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा अपहरण की एक झूठी कहानी की जांच के दौरान हुआ. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
खुद के अपहरण की रची झूठी साजिश, यूं खुला पूरा राज यह पूरा सनसनीखेज मामला मारहरा थाना क्षेत्र से सामने आया है. 16 सितंबर को रामसेवक नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस आपातकालीन सेवा डायल 112 पर कॉल करके सूचना दी कि उसके भाई सतेंद्र कुमार का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है और उसकी रिहाई के एवज में 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है. मामला दर्ज कर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सतेंद्र को आगरा से सकुशल बरामद कर लिया. हालांकि, जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो अपहरण की पूरी कहानी फर्जी निकली. जांच में सामने आया कि सतेंद्र ने खुद ही अपने अपहरण का यह नाटक रचा था ताकि छात्रों और उनके परिजनों से ठगी गई मोटी रकम को वापस न करना पड़े.
बीएस मेडिकल कॉलेज के नाम पर 2022 से चल रहा था खेल पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2022 से ‘बीएस मेडिकल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी’ के नाम से एक फर्जी संस्थान चला रहे थे. इस कथित कॉलेज के जरिए वे छात्रों को डी-फार्मा, बी-फार्मा, बीएससी नर्सिंग, डीएमएलटी, बीएमएलटी, जीएनएम और एएनएम जैसे लोकप्रिय पैरामेडिकल व मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला दिलाने का झांसा देते थे. एडमिशन के बाद छात्रों को असली जैसी फर्जी डिग्री और मार्कशीट थमा दी जाती थी और उनसे मोटी फीस वसूली जाती थी.
चाय बेचने वाले के नाम पर पंजीकृत थी कथित यूनिवर्सिटी मामले में पुलिस ने सतेंद्र कुमार, गौरव अग्रवाल, भगवान दास, नरेंद्र उर्फ पप्पू और मोहम्मद शरीफ कुरैशी को गिरफ्तार किया है. हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी भगवान दास एक मामूली चाय बेचने का काम करता है और उसी के नाम पर यह फर्जी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी का रजिस्ट्रेशन कागजों पर दिखाया गया था. आरोपियों के पास से पुलिस ने लैपटॉप, फर्जी चेक, छात्रों के आई-कार्ड, फीस रसीदें, अटेंडेंस शीट, प्रश्नपत्र, परीक्षा पुस्तिकाएं, मुहर और प्रचार सामग्री बरामद की है. पुलिस ने सभी को अदालत में पेश कर पूरे सिंडिकेट के अन्य तारों को खंगालना शुरू कर दिया है.










