CJI ने राहुल गांधी को मिलने से किया इनकार, दिल्ली में 6 मेट्रो स्टेशन बंद; INDIA गठबंधन का आज सुप्रीम कोर्ट मार्च

नई दिल्ली। देश की सियासत में ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन बेहद उग्र मोड़ पर पहुंच गया है। INDIA गठबंधन के शीर्ष नेता आज यानी सोमवार को ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ के तहत सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल विरोध मार्च के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है।

सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग से जुड़े इसी तरह के मामले पहले से ही शीर्ष अदालत के न्यायिक विचार के अधीन हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर कोई भी आदेश पारित नहीं किया जा सकता है।

CJI ने क्यों किया मिलने से मना? याचिका दायर करने की दी सलाह

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीजेआई सूर्यकांत को पत्र लिखकर आज शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का वक्त मांगा था। वे सीजेआई को ज्ञापन सौंपकर ‘वोट चोरी’ रोकने, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) पर रोक लगाने और देश में फिर से पेपर बैलेट सिस्टम लागू करने की मांग करना चाहते थे।

राहुल गांधी के इस अनुरोध पर सीजेआई सूर्यकांत ने रविवार को स्पष्ट किया कि प्रशासनिक पक्ष से कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। उन्होंने विपक्षी नेताओं से इस मुद्दे पर न्यायिक पक्ष से औपचारिक याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई संभव है। सीजेआई ने दोहराया कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट 24×7 खुला है।

दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद

विपक्ष के इस विशाल मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी है कि सुरक्षा कारणों से आज सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट पूरी तरह बंद रहेंगे।

प्रभावित मेट्रो स्टेशन:

  • पटेल चौक

  • जनपथ

  • राजीव चौक

  • मंडी हाउस

  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट

  • बाराखंभा रोड

DMRC ने साफ किया है कि इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध रहेगी।

‘चलो दिल्ली – लोकतंत्र के लिए मार्च’: दिग्गज नेता होंगे शामिल

कांग्रेस के नेतृत्व में इस प्रदर्शन को “चलो दिल्ली – लोकतंत्र के लिए मार्च” नाम दिया गया है। सभी विपक्षी दलों, सिविल सोसाइटी ग्रुप्स और कार्यकर्ताओं को दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंबा रोड जंक्शन पर एकत्र होने का आह्वान किया गया है।

इस मार्च में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, सीपीआई के डी. राजा, सीपीएम के एम.ए. बेबी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के कई बड़े चेहरे हिस्सा लेंगे।

राहुल गांधी का हमला: “मोदी-शाह और डोभाल भारत की आवाज़ नहीं दबा सकते”

X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि यह मार्च पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य से ऊपर उठकर भारत के नागरिकों का है। उन्होंने आरोप लगाया कि शनिवार को दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पुलिस और बीजेपी के लोगों ने पीटा।

राहुल गांधी ने कहा, “नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोभाल और मोहन भागवत भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। ये डरपोक हमें डरा नहीं सकते, उन्हें पीछे हटना ही होगा। हम प्यार, भाईचारे और देशभक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे।” इससे पहले शुक्रवार को भी INDIA गठबंधन के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक पैदल मार्च निकालकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा था।

खरगे बोले- देश में अघोषित आपातकाल, सरकार युवाओं से डरी हुई है

बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश में अराजकता फैला रखी है और एक तरह से अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है।

खरगे ने शनिवार के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि लगभग 32,000 पुलिसकर्मियों और 7,500 सीआरपीएफ जवानों की तैनाती यह साबित करती है कि सरकार देश के युवाओं के इस आंदोलन से कितना घबराई हुई है। AICC के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने भी आरोप लगाया कि मीडियाकर्मियों, महिला ब्लॉगर्स और छात्रों पर पुलिसिया बल का क्रूर इस्तेमाल लोकतंत्र की नींव पर हमला है।

चुनाव आयोग में अंदरूनी कलह: संधू और जोशी ने 14 बार दर्ज कराई आपत्ति

विपक्ष के इस उग्र रुख के पीछे ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की वह रिपोर्ट भी है, जिसने चुनाव आयोग के भीतर गंभीर मतभेदों का खुलासा किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। इसमें मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) का मुद्दा भी शामिल है। इसी रिपोर्ट के सामने आने के बाद INDIA गठबंधन ने देशव्यापी रैलियां करने और ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालने की रणनीति तैयार की है।

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