यूपी में SIR के बाद भी डुप्लीकेट वोटर मिलने पर चुनाव आयोग सख्त: CEO नवदीप रिणवा ने दिए कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही तय करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद भी मतदाता सूचियों में डुप्लीकेट मतदाताओं (एक ही व्यक्ति के एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम) के मामले सामने आने पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्ष के लगातार हमलावर रुख के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सोमवार को प्रदेश भर के जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश जारी किए कि फर्जी या दोहराए गए नामों को हटाकर मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटिरहित बनाया जाए।

फर्जी व डुप्लीकेट नामों पर फॉर्म-7 के जरिए होगा तेजी से एक्शन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित जितनी भी शिकायतें आ रही हैं, उनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

  • BLO की भूमिका: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से नियम के अनुसार ‘फॉर्म-7’ भरवाकर डुप्लीकेट और अयोग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • जवाबदेही तय होगी: लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • BLO को दिया जाएगा प्रशिक्षण: वोटर लिस्ट में किए गए सभी बदलावों व अद्यतन जानकारियों के बारे में BLO को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाएगा और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

12 नवंबर को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट सूची, AERO करेंगे मॉनिटरिंग

समीक्षा बैठक के दौरान CEO नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को समय सीमा का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है:

  • AERO को समीक्षा का जिम्मा: सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) अपने क्षेत्र के मतदाता सूची के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करेंगे और समय सीमा के भीतर सभी विसंगतियों का निराकरण कराएंगे।

  • 12 नवंबर का लक्ष्य: आगामी 12 नवंबर को वोटर लिस्ट की आधिकारिक ‘ड्राफ्ट सूची’ प्रकाशित की जानी है। रिणवा ने कहा कि इस ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन से पूर्व ही सभी डुप्लीकेट और त्रुटिपूर्ण मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर लिया जाए।

24 अक्टूबर को विशेष अभियान: प्रधानों, ग्राम सभासदों और NGO से लिया जाएगा सहयोग

निर्वाचन सदन की ओर से छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने और सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है:

  • 24 अक्टूबर को विशेष शिविर दिवस: आगामी 24 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया जाएगा।

  • छूटे हुए पात्रों को जोड़ने पर जोर: अभी भी कई विधानसभा क्षेत्रों में कई पात्र नागरिक (विशेषकर पहली बार मतदाता बनने वाले युवा, महिलाएं और दिव्यांगजन) सूची में शामिल होने से छूट गए हैं, जिन्हें चिह्नित कर नाम जोड़ा जाएगा।

  • जनसहभागिता: इस विशेष अभियान दिवस को सफल बनाने के लिए सभी विभागों, गैर-सरकारी संगठनों (NGO), बूथ लेवल एजेंट्स (BLA), स्थानीय नगर निगम सभासदों और ग्राम प्रधानों की मदद ली जाएगी।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आयोग की सफाई

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मतदाता सूची में डुप्लीकेट वोटरों के नाम सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और SIR प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इन आरोपों के बीच अब निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे प्रदेश में शुद्धीकरण अभियान तेज कर दिया है ताकि आगामी चुनावों से पहले पारदर्शी और पूरी तरह त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके।

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