टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा : कोटा से मुंबई लाए गए तीनों शूटर, दिल्ली से चार मददगार गिरफ्तार; पूछताछ में खुले कई राज़

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस की जांच का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है और इस हाई-प्रोफाइल केस में लगातार परतें उधड़ रही हैं। मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (AEC) और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए गए तीनों मुख्य आरोपियों को लेकर 21 अक्टूबर की सुबह करीब 3:30 बजे भारी सुरक्षा के बीच मुंबई पहुंच गई है। इस बीच, इस साजिश के तार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक जुड़ चुके हैं, जहां से हथियारों की सप्लाई करने वाले चार और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे क्राइम ब्रांच की टीम तीनों आरोपियों को सड़क मार्ग से कोटा से मुंबई के लिए रवाना हुई थी।

सफर के दौरान बार-बार बदली गई गाड़ियां, पूछताछ में खुले कई राज़

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कोटा से मुंबई की इस लंबी यात्रा के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को चार से अधिक बार एक वाहन से दूसरे वाहन में शिफ्ट किया गया। इस अदला-बदली के पीछे मुख्य मकसद यह था कि सफर के दौरान ही अधिकारी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर सकें। क्राइम ब्रांच यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर आरोपियों ने ट्रेन के बजाय सूरत जाने के लिए कैब का इस्तेमाल क्यों किया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले बोरीवली तक लोकल ट्रेन का सफर तय किया और उसके बाद वहां से सूरत जाने के लिए एक कैब बुक की थी। पुलिस ने उनके आपराधिक बैकग्राउंड और इस पूरे षड्यंत्र के पीछे छिपे मुख्य हैंडलर्स व मास्टरमाइंड के बारे में भी गहन पूछताछ की है।

जीटी अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद एईसी दफ्तर पहुंचे आरोपी, आज कोर्ट में पेशी

मुंबई पहुंचने के फौरन बाद क्राइम ब्रांच की टीम तीनों आरोपियों को सीधे जीटी अस्पताल (GT Hospital) लेकर पहुँची, जहाँ लगभग 20 मिनट के भीतर उनकी आवश्यक मेडिकल जांच पूरी कराई गई। इसके बाद कड़े सुरक्षा पहरे के बीच तीनों को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (AEC) के कार्यालय लाया गया। सुबह करीब 4 बजे जब आरोपी दफ्तर पहुँचे, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच के डीसीपी (DCP) भी मौके पर मौजूद रहे। आरोपियों की कानूनी पैरवी के लिए उनके वकील अजिंक्य मिरगल भी एईसी ऑफिस पहुँच चुके हैं। पुलिस बुधवार दोपहर तीनों आरोपियों को सक्षम अदालत में पेश कर उनकी रिमांड की मांग करेगी।

दिल्ली से चार गिरफ्तार, महिलाओं ने पहुँचाए थे हथियार

इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसके तार सीधे दिल्ली तक जा पहुँचे। मंगलवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को दबोच लिया, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने ही टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले तीनों शूटरों के लिए हथियारों का अवैध इंतजाम किया और उन तक बंदूकें पहुंचाईं। पुलिस ने इस मामले में कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार कर मुंबई पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। आरोप है कि कुणाल और सुमित ने हथियारों की व्यवस्था की थी, जबकि राधा और बबीता ने मुंबई के दादर इलाके में जाकर तीनों हमलावरों को हथियार सौंपे थे।

फुटबॉल खेलकर लौटते वक्त हुआ था जानलेवा हमला, ऐसे बची जान

गौरतलब है कि बीते रविवार की शाम अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल खेलने गए थे। जब वे खेल खत्म करने के बाद अपनी बीएमडब्ल्यू (BMW) कार से घर लौट रहे थे और उनकी गाड़ी कंपाउंड के गेट पर जमा भीड़ के बीच से गुजर रही थी, तभी अचानक दो अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने कार पर 6 से 7 राउंड गोलियां चलाईं। बताया जा रहा है कि हमलावरों में से एक शूटर अभिनेता के बेहद करीब था और सीधे तौर पर उन्हें निशाना बना रहा था, लेकिन ऐन मौके पर उसकी बंदूक जाम हो गई, जिससे टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए। हालांकि, इस अंधाधुंध फायरिंग में उनका ड्राइवर और मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

 

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