नई दिल्ली। बदलते मौसम के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। दिन के समय खिलती तेज धूप और रात के वक्त हल्की ठंड के इस मिजाज के बीच दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता (AQI) बेहद खराब स्थिति में दर्ज की जा रही है। हालात यह हैं कि जहांगीरपुरी और विवेक विहार जैसे इलाकों में AQI का स्तर 300 का आंकड़ा पार कर गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इन इलाकों में हवा ‘बहुत खराब’, जहांगीरपुरी में स्थिति सबसे गंभीर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ‘समीर ऐप’ के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के जहांगीरपुरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे अधिक 309 दर्ज किया गया, जबकि विवेक विहार में यह 306 रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा, मंदिर मार्ग और नरेला में AQI 280, सिरीफोर्ट में 276, बवाना में 275, अलीपुर में 273, मुंडका में 265, एनआईएच नरेला में 260, तालकटोरा गार्डन में 254 और वजीरपुर में 253 तक पहुंच गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के एक बड़े हिस्से में हवा का जहर लगातार घुल रहा है।
डीयू से लेकर आनंद विहार तक सांस लेना मु मुशकिल
राजधानी के शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख इलाकों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के नॉर्थ कैंपस में AQI 247 और आईआईटी दिल्ली में 244 दर्ज किया गया। इसके अलावा नजफगढ़ में 241, जेएनयू में 239, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के पास 238, आनंद विहार में 237, बुराड़ी क्रॉसिंग पर 231 और अशोक विहार में 223 रिकॉर्ड हुआ। आईजीआई एयरपोर्ट (टर्मिनल-3) के पास AQI 216, अया नगर में 215 और वसुंधरा एन्क्लेव में 209 दर्ज किया गया।
कुछ इलाकों में स्थिति आंशिक रूप से बेहतर
राहत की बात यह है कि दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक समान नहीं है। बुराड़ी में AQI 190, कराला में 186, दिलशाद गार्डन (IHBAS) में 182, नांगलोई में 181, नेहरू नगर में 177, झरोदा कलां में 170 और इग्नू मैदान गढ़ी में 169 दर्ज किया गया। वहीं, उत्तम नगर में 167, लोधी रोड में 159, दिल्ली कैंट में 155, बदरपुर में 145 और टिकरी कलां में सबसे कम 122 AQI रिकॉर्ड किया गया, जो अन्य जगहों के मुकाबले बेहतर स्थिति को दर्शाता है।
क्या कहता है AQI का पैमाना? लागू हुआ GRAP-1
विशेषज्ञों के मानकों के अनुसार, 201 से 300 के बीच का AQI ‘खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि 301 से 400 के बीच की हवा ‘बहुत खराब’ मानी जाती है। इस लिहाज से जहांगीरपुरी और विवेक विहार की हवा ‘बहुत खराब’ हो चुकी है, जबकि अन्य कई इलाकों की हवा ‘खराब’ है।
बढ़ते प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या सांस की अन्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुबह के वक्त खुले में वॉक या व्यायाम करने से बचने को कहा गया है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए राजधानी में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा ग्रैप-1 (GRAP-1) लागू कर दिया गया है, जिसके तहत निर्माण कार्यों और धूल उड़ने वाली गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।



















