Asian Para Games 2026: नवीन शिवाकुमार ने बैडमिंटन में भारत को दिलाया 24वां गोल्ड, आर्चरी में हरविंदर-विजय की जोड़ी ने भी रचा इतिहास

भारत ने एशियन पारा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए एक और ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। प्रतियोगिता में भारत के खाते में यह 24वां गोल्ड मेडल आया है, जिसे देश के प्रतिभाशाली पारा शटलर नवीन शिवाकुमार ने अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा के दम पर हासिल किया है। नवीन की इस ऐतिहासिक सफलता ने भारत के कुल 100 पदकों के आंकड़े तक पहुंचने के सपने को और अधिक मजबूत कर दिया है।

नवीन शिवाकुमार ने फाइनल में दी मात

पारा बैडमिंटन के एसएल4 (SL4) इवेंट के खिताबी मुकाबले में नवीन शिवाकुमार का सामना ओलंपिक मेडलिस्ट रह चुके दिग्गज खिलाड़ी फ्रेडी सेतियावान से था। नवीन ने इस कड़े मुकाबले में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फ्रेडी सेतियावान को सीधे सेटों में 21-9, 21-16 से करारी शिकस्त दी और जीत की सुनहरी इबारत लिखी। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही नवीन ने एशियन पारा गेम्स 2026 में अपना दूसरा पदक भी पक्का कर लिया। इससे पहले उन्होंने मेंस डबल्स के एसएल3-एसयू5 (SL3-SU5) इवेंट में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

बैडमिंटन में भारत का दबदबा, नितेश कुमार भी जीत चुके हैं गोल्ड

एशियन पारा गेम्स 2026 में बैडमिंटन कोर्ट पर भारत का परचम लगातार लहरा रहा है। नवीन शिवाकुमार से पहले स्टार खिलाड़ी नितेश कुमार ने भी देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया था। नितेश कुमार ने एसएल3 (SL3) इवेंट के रोमांचक फाइनल मुकाबले में अपने ही देश के हमवतन खिलाड़ी प्रमोद भगत को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। भारतीय शटलर लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ा रहे हैं।

आर्चरी में हरविंदर और विजय की जोड़ी का कमाल

बैडमिंटन के अलावा तीरंदाजी (Archery) में भी भारत ने सोने पर सुहागा काम किया है। हरविंदर सिंह और विजय की जोड़ी ने मेंस रिकर्व डबल्स के फाइनल मुकाबले में चीन की मजबूत जोड़ी युन डुओ और झाओ लिक्सुए को 5-1 से करारी मात दी और भारत की झोली में 23वां गोल्ड मेडल डाला। हरविंदर सिंह का यह सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। डेंगू के इलाज के दौरान आई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण उन्हें अपने पैरों की शक्ति खोनी पड़ी थी, लेकिन साल 2012 के लंदन पैरालंपिक से प्रेरणा लेकर उन्होंने तीरंदाजी में कदम रखा।

हरविंदर ने साल 2017 पैरा तीरंदाजी विश्व चैंपियनशिप से अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था, जहां वे सातवें स्थान पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 2018 के पैरा एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता। टोक्यो पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उन्होंने भारत को इस खेल में पहला पैरालंपिक पदक दिलाया, और फिर पेरिस पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर अपने मेडल का रंग और बेहतर किया। उनकी इन महान उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें साल 2025 में देश के प्रतिष्ठित ‘पद्म श्री’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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