लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र स्थित नौबस्ता (ब्राह्मणी टोला) में सोमवार को अचानक चीख-पुकार और गोलियों की तड़तड़ाहट से सन्नाटा पसर गया। महज गाड़ी खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली सा विवाद देखते ही देखते इस कदर बढ़ा कि पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया। गुस्से में अंधे हुए पड़ोसी ने आपा खोते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
मामूली विवाद और देखते ही देखते चलने लगीं दनादन गोलियां
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सोमवार को सआदतगंज के ब्राह्मणी टोला में वाहन पार्किंग को लेकर पड़ोसी ऋषभ शुक्ला और तिवारी परिवार के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर ऋषभ शुक्ला हथियार निकाल लाया और सामने मौजूद लोगों पर निशाना साधकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा। सिर में सीधी गोली लगने की वजह से 65 वर्षीय शिवाजी तिवारी और उनके 55 वर्षीय छोटे भाई शिवेंद्र तिवारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी और एक अन्य रिश्तेदार शंभू गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।
ट्रॉमा सेंटर में सुयश ने तोड़ा दम, शंभू की हालत गंभीर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची और खून से लथपथ घायलों को तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद सुयश तिवारी, जिनके सिर में गोली लगी थी, ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह इस भीषण खूनी वारदात में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। सीने में गोली लगने से घायल शंभू की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और वे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
नेवी में कार्यरत आरोपी हिरासत में, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला भारतीय नौसेना (नेवी) में कार्यरत बताया जा रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे प्रयुक्त हथियार के संबंध में कड़ी पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद इलाके में उपजे तनाव और आक्रोश को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
अगले महीने आनी थी बारात, अब शादी वाले घर से उठीं तीन अर्थियां
इस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक सुयश तिवारी की अगले महीने ही शादी तय थी। घर में शादी-ब्याह की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं, रिश्तेदार आ-जा रहे थे और हर तरफ खुशी का माहौल था। लेकिन इस खूनी संघर्ष ने परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। जिस घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां से एक साथ तीन-तीन अर्थियां उठने की खबर से हर किसी की आंखें नम हैं और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है।

















