Bareilly Moradabad Teacher MLC Result: बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के हरी सिंह ढिल्लो की बंपर जीत, दोगुने से ज्यादा अंतर से सपा के दानिश अख्तर को पछाड़ा

बरेली। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी डॉ. हरी सिंह ढिल्लो ने प्रचंड जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरी बार परचम फहराया है। डॉ. हरी सिंह न सिर्फ अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे, बल्कि उन्होंने इस बार अपने वोट प्रतिशत में भारी इजाफा करते हुए जीत का अंतर भी पिछले चुनाव के मुकाबले दोगुने से ज्यादा कर दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) समर्थित प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।

पहले ही राउंड से बनाई बढ़त, 17,676 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीते

पाँच चरणों में पूरी हुई मतगणना में भाजपा के डॉ. हरी सिंह ढिल्लो पहले राउंड से ही अपने प्रतिद्वंद्वियों पर भारी पड़े। 2020 के एमएलसी चुनाव में जहाँ हरी सिंह 7,960 वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे, वहीं इस बार उनकी जीत का यह अंतर बढ़कर 17,676 वोटों का हो गया।

अंतिम आंकड़ों के अनुसार, डॉ. हरी सिंह ढिल्लो को कुल 21,672 मत प्राप्त हुए, जबकि सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर महज 3,996 वोटों पर ही सिमट कर रह गए।

2020 बनाम इस बार का चुनाव गणित: सपा के वोट घटे, निर्दलीयों का पत्ता साफ

2020 के चुनाव की तुलना करें तो इस बार मतदान प्रतिशत में कोई बहुत बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला, लेकिन हार-जीत का अंतर काफी चौड़ा हो गया।

  • 2020 का गणित: उस वक्त चुनाव में कुल 25,513 वैध वोट गिने गए थे, जिनमें हरी सिंह ढिल्लो को 12,827 वोट मिले थे। सपा समर्थित उम्मीदवार संजय मिश्रा को 4,864 वोट मिले थे, जबकि निर्दलीय दानिश अख्तर को मात्र 723 वोट मिले थे।

  • इस बार की तस्वीर: इस चुनाव में निर्दलीय लड़े संजय मिश्रा महज 981 वोटों पर सिमट गए, वहीं सपा का सिंबल लेकर मैदान में उतरे दानिश अख्तर 3,996 वोट ही हासिल कर सके। यानी 2020 के मुकाबले इस बार सपा समर्थित वोट बैंक में गिरावट दर्ज की गई।

निरस्त वोटों की संख्या बढ़ी, 8 प्रत्याशी दहाई का आंकड़ा भी न छू सके

चुनाव में इस बार खारिज (अस्वीकृत) वोटों का आंकड़ा भी हैरान करने वाला रहा। 2020 में जहाँ 1,290 वोट निरस्त हुए थे, वहीं इस बार कुल 3,181 मत निरस्त कर दिए गए। चुनावी मैदान में उतरे कुल 17 प्रत्याशियों में से 8 प्रत्याशी तो ऐसे रहे जो दहाई का आंकड़ा (10 वोट) भी पार नहीं कर पाए, जबकि 5 प्रत्याशी अपने वोटों की गिनती तीन अंकों तक भी नहीं पहुँचा सके।

जीत के बाद बोले हरी सिंह- “लागू कराएंगे एजुकेशन एक्ट, देंगे कैशलेस इलाज”

परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित विधान पार्षद डॉ. हरी सिंह ढिल्लो ने अपनी जीत का श्रेय शिक्षकों के भरोसे को दिया। उन्होंने कहा, “सपा प्रत्याशी द्वारा लगाए गए बूथ कैप्चरिंग और हमलों के बेबुनियाद आरोपों को शिक्षक मतदाताओं ने अपने वोट से खारिज कर दिया है। हमने 6 साल शिक्षकों के हित में काम किया है। अब हमारा अगला लक्ष्य नया ‘एजुकेशन एक्ट’ लागू कराना है और वित्तविहीन शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा मुहैया कराना है।”

सपा प्रत्याशी दानिश अख्तर ने उठाए सवाल, कहा- “लोकतंत्र का गला घोंटा गया”

दूसरी ओर, करारी हार के बाद सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर ने प्रशासनिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह शिक्षकों के मुद्दों का चुनाव था, जिसे शुरू से ही लूटने की साजिश रची गई। दानिश ने कहा कि चुनाव में नियमों को ताक पर रखकर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया गया है।

त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा, टेबल नंबर 7 पर गलत वोट गिनने को लेकर हुआ हंगामा

शिक्षक एमएलसी सीट के लिए 23 अक्तूबर को 105 बूथों पर मतदान हुआ था। मंगलवार सुबह 8 बजे से रिटर्निंग ऑफिसर शंभू कुमार की देखरेख में मतगणना शुरू हुई। सुरक्षा के लिहाज से तीन चरणों का कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया गया था और समर्थकों को मतगणना स्थल से 100 मीटर पहले ही रोक दिया गया था।

रात 11:30 बजे तक चली मतगणना के दौरान दूसरे दौर में उस समय अफरातफरी मच गई जब टेबल नंबर 7 पर सपा प्रत्याशी के एजेंटों ने गलत तरीके से वोट गिनने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। पुलिस व वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर वोटों के बंडल दोबारा खोलकर दिखाए, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

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