Chhattisgarh Matrimonial Cyber Fraud: शादी का सपना देखने वाले लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर ठगी करने वाले एक बड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक ऐसे फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़ किया है, जो शादी के इच्छुक लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई काल्पनिक और बेहद खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर लाखों रुपये ठग रहा था। शातिर आरोपी सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
AI की खूबसूरत तस्वीरों से बिछाया ठगी का जाल
दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) शोभराज अग्रवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘कल्याण मैट्रिमोनी’, ‘एलिट मैच मैट्रिमोनी’ और ‘फ्यूचर पार्टनर’ जैसे आकर्षक नामों से फर्जी प्रोफाइल और विज्ञापन चलाता था।
इन प्रोफाइलों पर जिन सुंदर युवतियों की तस्वीरें लगाई जाती थीं, वे किसी असली लड़की की नहीं थीं। आरोपी AI टूल्स का इस्तेमाल करके ऐसी आकर्षक तस्वीरें खुद तैयार करता था, ताकि शादी के इच्छुक लोग आसानी से झांसे में आ सकें।
बायोडाटा मांगने से लेकर नंबर ब्लैकलिस्ट करने का तरीका
पुलिस जांच में आरोपी के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का पूरा सच सामने आया है:
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संपर्क और भरोसा: फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर जब कोई पीड़ित आरोपी से संपर्क करता था, तो उससे बायोडाटा और पसंद पूछी जाती थी।
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पंजीकरण के नाम पर वसूली: मनपसंद लड़की से शादी कराने का पक्का भरोसा देकर शुरुआत में 2,000 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क मांगा जाता था।
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क्यूआर कोड से पेमेंट: इसके बाद अलग-अलग प्रक्रियाओं, कागजी कार्रवाई या मीटिंग कराने के नाम पर क्यूआर कोड (QR Code) भेजकर और पैसे ऐंठ लिए जाते थे।
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ब्लैकलिस्टिंग: जैसे ही पीड़ित व्यक्ति पैसे ट्रांसफर कर देता था, आरोपी उसका मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर देता था और संपर्क पूरी तरह काट लेता था।
सुपेला पुलिस की छापेमारी में संचालक गिरफ्तार
फर्जी मैरिज ब्यूरो की गुप्त सूचना मिलने पर सुपेला थाना पुलिस ने उत्तर गंगोत्री भवन स्थित परिसर में अचानक छापा मारा। मौके से पुलिस ने सेंटर के संचालक परमानंद यादव को रंगे हाथों पकड़ा।
छापेमारी के दौरान वहां चार युवतियां भी पाई गईं। पूछताछ में युवतियों ने खुलासा किया कि उन्हें हर महीने ₹7,000 वेतन देने का झांसा देकर नौकरी पर रखा गया था और उनसे कॉलिंग कराई जाती थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी परमानंद यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
22 मोबाइल, सिम कार्ड और नकद समेत 2.83 लाख का सामान जब्त
सुपेला पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है:
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बरामदगी: 22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉइड स्मार्टफोन, 16 एक्टिवेट सिम कार्ड, कंप्यूटर सेट, वाई-फाई राउटर, बैंक पासबुक, चेकबुक, क्यूआर कोड और ₹1.64 लाख नकद।
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कुल जब्ती: जब्त किए गए सामान और नकदी की कुल कीमत लगभग ₹2.83 लाख आंकी गई है।
जांच में सामने आया है कि यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले तीन महीनों से सक्रिय रूप से चलाया जा रहा था, जहां से रोजाना 20 से 50 लोगों को कॉल किए और अटेंड किए जाते थे।



















