
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोमवार को एक विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने कहा है ‘भगवान राम का जन्म नेपाल में हुआ था।’ अब इसके बाद उनकी आलोचनाएं हो रही है। मालूम हो कि उनकी आलोचना न सिर्फ भारत में हो रही है बल्कि नेपाल में भी कुछ लोग इस बयान को बेतुका बता रहे हैं। दरअसल जिस तरह से ऊपरी स्तर के लोगों के ट्वीट्स सामने आ रहे हैं उससे तो यही पता चल रहा है कि अधिकतर लोग अपने प्रधानमंत्री के इस बयान से खुश नहीं हैं। उन्होंने इसे बेतुका और बिना सिर-पैर का करार दिया है।
ट्वीट देखिए इसका कैप्शन नेपाली है जिसका हिंदी मतलब है: प्रधान मंत्री ओली कहते हैं: भारत द्वारा निर्मित अयोध्या नकली है, राम भी नेपाली हैं
मालूम हो कि भारत-नेपाल संबंध भी पिछले कुछ महीनों से ठीक नहीं चल रहा है। लेपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी ये तीन शब्द काफी हैं भारत-नेपाल के बिगड़े संबंधों को दर्शाने के लिए। ये मामला अभी ठीक से शांत हुआ नहीं था कि एक नई घटना सामने आई है। इसको अंजाम दिया भारतीय मीडिया ने, जो कि इस वक्त टीआरपी के नशे में इतनी चूर है कि फिलहाल वो सही-गलत के बीच के अंतर से कोसों दूर है। आखिर हुआ क्या था वो इससे समझ सकते हैं जिसे नेपाल के प्रमुख अख़बार काठमांडू पोस्ट ने लिखा है, ”भारतीय न्यूज़ चैनल ज़ी न्यूज़ ने नेपाल के पीएम और चीन की राजदूत होउ यांकी के संबंधों को लेकर सनसनीखेज़ दावे किए हैं जिनका सच्चाई से कोई संबंध नहीं है। इस रिपोर्ट में बिना कोई सच्चाई के 15 मिनट का प्रसारण किया गया है।” कुल मिलाकर यह एक नया मामला था जिसमें कहीं न कहीं भारतीय मीडिया की थू-थू हो रही थी। अब मामला इंटरनल था तो इसे इंटरनल ही सुल्टा लिया जाता लेकिन ये बात नेपाल के प्रधानमंत्री को रास नहीं आई और लगे हाथ उन्होंने ये बेतुका बयान दे दिया जिसका कोई मतलब ही नहीं था.. तो अब सारा मामला फिर से इन्हीं की तरफ शिफ्ट हो गया है।
आइये जानते हैं कि ट्विटर पर किस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं?
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बाबू राम भट्टाराई ने ओली के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है,

आदि-कवि ओली द्वारा रचित कलयुगी रामायण सुनिए, सीधे बैकुंठ धाम की यात्रा कीजिए।
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के चेयरमैन और नेपाल के पूर्व उप-प्रधानमंत्री कमल थापा ने पीएम ओली के बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने लिखा है:
किसी भी प्रधानमंत्री के लिए इस तरह का आधारहीन और अप्रामाणित बयान देना उचित नहीं है। ऐसा लगता है कि पीएम ओली भारत और नेपाल के रिश्ते को और बिगाड़ना चाहते हैं जबकि उन्हें तनाव कम करने के लिए काम करना चाहिए।

नेपाल के लेखक और जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक कनक मणि दीक्षित ने सेंसिबल ट्वीट करते हुए लिखा है,

भगवान राम का जन्म कहाँ हुआ और अयोध्या कहाँ है, ऐसी पौराणिक बातों पर विवाद खड़ा करना पीएम ओली की मूर्खतापूर्ण कोशिश है। अभी तो सिर्फ़ भारत सरकार के मन में मौजूदा स्थिति के कारण कड़वाहट है। इससे लोगों में भी फूट पैदा हो सकती है।















