
लद्दाख में चीनी सेना सेना चोटियों में काबिज होने हर चाल को भारतीय जवान नाकाम कर रहे हैं. उत्तरी पेंगोंग झील की ऊंची चोटियों पर चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत के खिलाफ नया मोर्चा खोल दिया है. पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे रेजांग ला के पास भारत-चीन सैनिकों के बीच अब भी गतिरोध जारी है. 30-40 चीनी सैनिकों की टुकड़ी वहां मौजूद है. सूत्रों के मुताबिक, तीन दिन से लगातार चीनी सैनिक उन चोटियों पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जहां भारतीय सैनिक तैनात हैं. जिस तरह पहले पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर- 4 में भारत-चीन सैनिक आमने-सामने थे, उसी तरह अब तनाव का सबसे बड़ा पॉइंट रेजांग ला के पास की चोटियां बन गई हैं. खबर है कि भारतीय सेना ने चीन की टुकड़ी को घेर लिया है.
भारत ने कहा है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने एलएसी पर फिर से उकसावे की कार्रवाई की और द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करते हुए फायरिंग भी की. यह एलएसी पर गोली नहीं चलाने की वर्षों पुरानी नीति का उल्लंघन है. चीन पेंगोंग लेक के दक्षिणी छोर पर स्थित पहाड़ियों पर कब्जा करना चाहता है. इस कोशिश में उसके सैनिक बार-बार उधर कूच करते हैं, लेकिन भारतीय सेना की किलेबंदी के सामने उनकी एक नहीं चल रही है. 29-30 अगस्त की रात भी चीनी सैनिकों ने यही किया था जिसे भारत की स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) ने अच्छी तरह नाकाम कर दिया.
दरअसल, चीन की दीर्घावधि योजना भारत को अस्थिर करने की है. इसके लिए वो 3,488 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव पैदा करता रहता है. उसे लगता है कि इससे भारत की राजनीति में उथल-पुथल मचेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकतवर छवि को नुकसान पहुंचेगा. इस ख्वाब को पूरा करने के लिए वह अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान की मदद ले रहा है जो पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना को उलझाए रखने के लिए नियंत्रण रेखा (LOC) पर ताबड़तोड़ फायरिंग करता है.















