कलयुगी बेटी की खौफनाक साजिश: नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में मां को 130 की स्पीड से स्कॉर्पियो से कुचलवाया, 7 लाख में दी थी सुपारी

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से मां और बेटी के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। अमूमन बेटियां संकट के समय परिवार का संबल बनती हैं, लेकिन यहां लालच और नफरत में अंधी हुई एक 23 साल की युवती ने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या करवा दी। पैसों, आलीशान प्रॉपर्टी और अनुकंपा नियुक्ति (सरकारी नौकरी) को हड़पने के लिए कलयुगी बेटी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। जिस मां ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसे ही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार से बेरहमी से कुचलवा कर मौत के घाट उतार दिया गया।

रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो आया सामने, 100 फीट दूर जाकर गिरी मां

इस दिल दहला देने वाली वारदात का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार ने महिला को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला हवा में करीब 100 फीट दूर जाकर गिरी और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। यह पूरी घटना 3 जुलाई की दोपहर बाद करीब 4:45 बजे की है, जब प्रतापनगर के रवींद्र नगर इलाके में इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया गया।

हादसे का रूप देने की थी कोशिश, पुलिस ने ऐसे बेनकाब की साजिश

शुरुआत में इस पूरी वारदात को एक महज सड़क दुर्घटना (Road Accident) दिखाने की पूरी कोशिश की गई थी। जयपुर डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रतापनगर के रवींद्र नगर की रहने वाली नीरज शर्मा (45) के पति कोर्ट में एलडीसी (LDC) थे, जिनका एक साल पहले निधन हो गया था। पति की मौत के बाद करीब 8 महीने पहले ही नीरज शर्मा को उनकी जगह एलडीसी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। नीरज अपने 16 साल के बेटे के साथ रहती थीं। 3 जुलाई की शाम जब वह अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर पैदल लौट रही थीं, तभी ओवरस्पीड स्कॉर्पियो ने उन्हें उड़ा दिया। वारदात के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया था और पुलिस ने शुरुआती तौर पर शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था।

फोन कॉल पर मामा को हुआ शक, खुल गया मर्डर का राज

इस पूरी मर्डर मिस्ट्री से पर्दा तब उठा जब मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा (निवासी बयाना, भरतपुर) को अपनी भांजी आयुषी शर्मा पर शक हुआ। राकेश ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन नीरज अक्सर फोन पर रोती थी और कहती थी कि उसे ससुराल वाले और उसकी अपनी बेटी परेशान कर रहे हैं। वारदात के दिन भांजी आयुषी (23) ने अपने मामा को फोन किया और बेहद ठंडे लहजे में कहा, ‘मामा, मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है, वो खत्म हो गई हैं।’ इतना कहकर आयुषी ने तुरंत फोन काट दिया। भांजी के इस अजीब व्यवहार से मामा को बहन की पुरानी बातें याद आ गईं और उन्होंने तुरंत आयुषी शर्मा, जेठ के बेटे बलराम उर्फ रवि और अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवा दिया।

पिता की सरकारी नौकरी और जायदाद पाना चाहती थी बेटी

पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने खाकी को भी हैरान कर दिया। डीसीपी रंजीता शर्मा के मुताबिक, मृतका नीरज शर्मा की हत्या किसी अजनबी ने नहीं, बल्कि उनकी सगी बेटी आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप (56) और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर रची थी। दरअसल, पिता की मौत के बाद आयुषी चाहती थी कि सरकारी नौकरी उसे मिले, लेकिन मां नीरज ने खुद नौकरी जॉइन कर ली। इसी बात से नाराज आयुषी अपनी मां को रास्ते से हटाना चाहती थी। आयुषी का छोटा भाई मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए उसे पता था कि मां की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी और सारी संपत्ति अकेले उसे ही मिल जाएगी।

7 लाख रुपये की दी सुपारी, रेकी के लिए पहले किराए पर ली थार

अपनी ही मां को मौत की नींद सुलाने के लिए कलयुगी बेटी आयुषी और उसके ताऊ ने मिलकर 7 लाख रुपये की सुपारी तय की। उन्होंने सुपारी किलर हेमंत शर्मा (20) को अपने घर बुलाया और वारदात को अंजाम देने का ठेका दिया। हेमंत ने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर करीब एक महीने तक मृतका नीरज शर्मा के आने-जाने के रास्तों की रेकी की। साजिशकर्ताओं ने सबसे पहले वारदात के लिए भरतपुर से एक महिंद्रा थार गाड़ी किराए पर ली थी, लेकिन तब प्लान कामयाब नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने सफेद रंग की स्कॉर्पियो का इंतजाम किया और नीरज शर्मा को कुचल दिया।

सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए हत्यारे, 7 आरोपी गिरफ्तार

वारदात के समय सड़क किनारे खड़े एक पिता-पुत्र भी इस तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। पुलिस हेड कांस्टेबल दयाराम की सूझबूझ और स्थानीय लोगों से मिली इनपुट के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी शुरू की। जांच में सामने आया कि वारदात के वक्त आकाश शर्मा (23) स्कॉर्पियो चला रहा था, जबकि उसके बगल वाली सीट पर अरविंद शर्मा (21) बैठा था। वहीं, मोहित शर्मा (21) नामक आरोपी बाइक पर सवार होकर लगातार नीरज शर्मा की लोकेशन हत्यारों को दे रहा था। वारदात के तुरंत बाद आरोपी गाड़ी को चौपाटी के पास लावारिस छोड़कर बाइक से फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड बेटी आयुषी, ताऊ मोहन स्वरूप, शूटर हेमंत शर्मा, आकाश, अरविंद, मोहित और रोहित जाटव सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी बलराम उर्फ रवि अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

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