दीपावली के अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

भास्कर समाचार सेवा

बदायूँ । दहेमी विकास समिति के तत्वाधान में दीपावली के अवसर पर ग्राम दहेमी में स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया| कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय डॉ उमाशंकर राही ने की एवं मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक महेश चंद्र गुप्ता उपस्थित रहे| कार्यक्रम का शुभारम्भ तुलसी बाल विद्या मंदिर की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना पढ़कर किया गया।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्र चेतना के प्रखर कवि डॉ उमाशंकर राही ने कहा –
दिगदिगंत है तिमिर घनेरा, फिर से नया सवेरा लाए,
अंतर्मन आलोकित कर दे आओ ऐसा दीप जलाएं,
मजहब की मारामारी से मेरा भारत टूट रहा है,
जिसमें मानवता रहती है आओ ऐसा नगर बसायें ।
बदायूं से पधारे आंचलिक भाषा के श्रेष्ठ कवि डॉ अरविंद ने पढ़ा –ज्योति रथ की डोर देखो आज दीपों ने संभाली, घोर तम से युद्ध का उद्घोष है पावन दिवाली।
कासगंज से पधारे हास्य व्यंग के प्रख्यात कवि निर्मल सक्सेना ने पढ़ा-हम तेरे शहर में आए हैं बहारों की तरह,
देंगे खुशबू तो चुभेंगे कभी खारों की तरह
आज चमके हैं तेरे नील गगन में जमकर,
भोर होते ही टूट जाएंगे तारों की तरह ।
पंतनगर उत्तराखंड से आए गीतकार के पी सिंह ने पढ़ा-
मां दुर्गे की अवतार हैं बेटियां,
सृष्टि की श्रेष्ठ सिंगार है बेटियां ।
नागपुर महाराष्ट्र से पधारे शायर इमरान फैज ने पढ़ा –
होठों की मुस्कान बना दे या अल्लाह।
हर दिल का मेहमान बना दे या अल्लाह।
चोट लगे हिंदू को मुस्लिम चीज पड़े,
ऐसा हिंदुस्तान बना दे या अल्लाह।
सोरों से आए कवि शिवम अश्क ने कहा –
एक दीपक तुम जलाओ एक दीपक हम चलाएं।
आओ मिलकर साथ में तुलसी के गीत गाए ।
बदायूं से आए गीत गजल के कवि उज्जवल वशिष्ठ ने अपने गीतों से समा बांधते हुए कहा कि-
जो सालों से देख रहे हैं देख रहे वो पूरे होंगे सपने
प्रताणिरित कश्मीरी पंडित घर लौट आएंगे अपने।
बदायूं से आई कवित्री सरिता चौहान ने गीत पढ़ा –
सुख का केंद्र बिंदु बेटे यदि मनका पूर्ण उल्लास बेटियां,
साहस शक्ति शौर्य बेटे यदि धैर्य धरा इतिहास बेटियां।
बरेली से पधारे गीतकार आनंद पाठक ने अपनी गजलें प्रस्तुत करते हुए पढ़ा-
बेटियां बचा लेंगे बेटियां पढ़ाने से,
यह कहावतें लग गई ठिकाने से ।
पंतनगर से पधारे ओम शंकर मिश्र ओम ने कुछ पढ़ा-
थोड़े से गम में लगाते हैं सुरा होठों से,
उन जवानों की जवानी पर तरस आता है।
इनके अलावा शैलेंद्र मिश्र देव, अच्छन बदायूनी व सुनील शर्मा आदि ने काव्य पाठ किया | कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि नगर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और कवि समाज की पीड़ा को अपने गीतों में ढालते हैं जो देश को दिशा देने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम का संचालन आनंद पाठक ने किया|

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