
- परंपरागत मार्ग में हुये बदलाव से आक्रोशित हुये सुबह से शिवभक्तो के स्वागत की प्रतीक्षा में बैठे मौहल्लेवासी
भास्कर ब्यूरो/संदीप पुण्ढ़ीर
हाथरस/सिकन्दराराव। शिवरात्रि के पावन अवसर पर हर वर्ष परम्परागत तरीके से निकाली जाने वाली शिवशक्ति जागरण यात्रा की भव्यता की चर्चाओ के साथ साथ इस बार नगर में बगिया बारहसैनी मौहल्ले के लोगो के आक्रोश की भी खूब चर्चा हुयी। हुआ यूं कि जब से मेले की शुरूआत हुयी तब से हर बार यह मेला मौहल्ला बारहसैनी तिराहे पर पंहुचकर जलपान कर यहां से जैन मन्दिर होकर शहाबुद्दीनगंज चौराहे पर पंहुचता था। अभी पिछली बार प्रशासन ने यात्रा के रूट को लेकर बाधा उत्पन्न किये जाने के प्रयास किये गये पर लोगों के आक्रोश के सामने वह असफल रहे।
लेकिन इस बार तो प्रशासन भी स्वयं ड्यूटी पर तैनात होकर वारहसैनी तिराहे पर मेले की प्रतिक्षा करता रहा। इस बार प्रशासन की ओर से मेले के रूट को लेकर कोई बाधा नही रही। पर अज्ञात कारण से मेला व्यवस्थापको ने रूट में वदलाव कर दिया जिसके बाद नगर का हृदय कहे जाने वाले बगिया बारहसैनी मौहल्ले के लोग मेले की भव्यता और हर वर्ष शिवरात्रि पर मिलने वाले इस आन्नद से वंचित रह गये तो वह आक्रोशित हो गये। यात्रा के रूट में किये गये वदलाव से जो परम्परा तोडी गयी है उससे लोगों की भावनाएं आहत हुयीं हैं। उन्हें बहुत दुख हुआ है। बगिया बारहसैनी मौहल्ले के लोग हाथो में पुष्प और जलपान आदि लेकर मेले के स्वागत में बैठे रहे। पर हर वर्ष यहां आने वाला मेला जब यहां नही आया तो उनका आक्रोश स्वभाविक है। मेले की जब शुरूआत हुयी तब से लगातार कभी भी रूट में बदलाव नही हुआ। आज के मेले में परम्परा तोडकर मेले के रूट में जो बदलाव किया गया कारण चाहे जो भी हो ठीक नही हुआ।













