अनूपशहर चीनी मिल ने किया गन्ना किसानों का 10 करोड़ 30 लाख रुपये का बकाया भुगतान

क्षेत्रीय विधायक संजय शर्मा व प्रधान प्रबन्धक ने संयुक्त रूप से किसानों के खाते में भेजा भुगतान

चीनी मिल में स्थापित होगा कंट्रोल रूम

भास्कर समाचार सेवा
जहाँगीराबाद। क्षेत्र स्थित अनूपशहर चीनी मिल के प्रधान प्रबन्धक ने क्षेत्रीय विधायक संजय शर्मा के साथ मिलकर गन्ना किसानों के 2021-22 के बकाया भुगतान की अंतिम किश्त 10 करोड़ 30 लाख 34 हजार रुपये उनके खाते में भेज दी। चीनी मिल गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में क्षेत्रीय विधायक ने बताया कि अगला पेराई सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने किसानों का भुगतान करने का अपना वायदा पूरा किया है।
गुरुवार को मिल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्रीय विधायक संजय शर्मा व मिल के प्रधान प्रबंधक राहुल यादव ने 1030.34 लाख रुपये का बकाया भुगतान सीधे किसानों के खाते में भेजा। इस अवसर पर विधायक संजय शर्मा ने कहा कि सरकार अपनी मंशा के अनुरूप किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार गन्ना किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिज्ञाबद्ध है। इस अवसर पर चीफ इंजीनियर एस०एस०सिंह, चीफ केमिस्ट नरेन्द्र कुमार, सीसीओ ब्रह्मप्रकाश, ओमप्रकाश, चकलेश्वर यादव, वीरपाल सिंह सहित चीनी मिल एवं क्षेत्र के काफी संख्या में गन्ना किसान मौजूद रहे।

शिकायतों का 24 घण्टे में होगा निस्तारण
गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के साथ ही विधायक ने प्रधान प्रबंधक को गन्ना किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए। जिसके बाद प्रधान प्रबन्धक ने विधायक को कंट्रोल रूम की स्थापना कर किसानों की समस्याओं का निस्तारण 24 घण्टे में कराने का आश्वासन दिया। साथ ही जीएम राहुल यादव ने कहा कि यदि गन्ना किसानों को कोई समस्या होती है तो वे सीधे उनके कार्यालय में आकर उनसे संपर्क भी कर सकते हैं।

शासन ने दिया 6 करोड़ 14 लाख रुपये का सहयोग
प्रधान प्रबंधक ने बताया कि 12150.76 लाख रुपये का भुगतान गन्ना किसानों को पूर्व में ही उनके खाते में किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि किसानों का बकाया भुगतान करने के लिए 614 लाख रुपए शासन से व 416.34 लाख रुपये चीनी मिल ने अपने संसाधनों से जुटाकर किसानों का भुगतान किया है।

मिल की मरम्मत 92% पूरी
प्रधान प्रबन्धक ने बताया कि मिल का मरम्मत कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इस बार मरम्मत के साथ साथ मिल के विभिन्न स्टेशनों में लगी मशीनरियों को चलाकर उनकी जांच भी साथ साथ की जा रही है। जिससे पेराई सत्र के दौरान कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।

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