
दैनिक भास्कर न्यूज
बांदा। गिरवां क्षेत्र के जरर, पतरहा, गिरवां समेत आधा दर्जन गावों के लोगों ने पहाड़ों में अवैध ब्लास्टिंग, क्रेशर से हजारों बीघा फसलों की बर्बादी, पौराणिक मंदिरो को खतरा, जनहानि व पर्यावरण असंतुलन को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने तत्काल प्रभाव से सभी पहाड़ों व क्रेशर पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की। बता दें की बुंदेलखंड सूखे और प्रकृति की मार के लिए जाना जाता है। गिरवां क्षेत्र को बांदा की काशी के नाम से जाना जाता है, यहां गिरवा में पौराणिक भूतेश्वर बाबा, जरर में पौराणिक शिव मंदिर, पतरहा में किशनगुर बाबा का शिव मंदिर है व शक्ति पीठ विंध्यवासिनी का मंदिर है। सभी मंदिर पहाड़ों में हैं, पर शासन-प्रशासन मनमाने तरीके से आधा दर्जन क्रेशर को अनुमति दे चुका है और निकट भविष्य में 18 और क्रेसर की इजाजत देने जा रहा है।
गिरवां क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के लोगों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
पहाड़ों में हो रही अवैध ब्लास्टिंग से क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को खतरा बना हुआ है। लोगों की आस्था को चोट पहुंच रही है वहीं बिना मानक के चल रहे क्रेशर से उड़ने वाली डस्ट से हजारों बीघा फसल चौपट हो रही है। ओवरलोड परिवहन से सड़के बदहाल हो चुकी हैं। ब्लास्टिंग का कोई समय नहीं हैं, ब्लास्टिंग से उड़ने वाले पत्थर लोगों के घरों में जा रहे हैं जिससे जन हानि हो रही है। आज पांच गावों के आधा सैकड़ा लोगों ने खनन व क्रेशर पर प्रतिबंध लगाए जाने व क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित किए जाने को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। इस मौके पर समाजसेवी अभिषेक शुक्ला, देवीदयाल, राम लखन द्विवेदी, दिनेश कुमार समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।














