Bethel Bank Fraud: बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 1.14 करोड़ का महाघोटाला! असिस्टेंट मैनेजर ने फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाकर तोड़ी FD; ऐसे हुआ पर्दाफाश

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से बैंकिंग सेक्टर को दहला देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के बोरदेही थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) की मोरखा शाखा में खाताधारकों के साथ 1.14 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। इस हाई-टेक बैंक घोटाले में पुलिस ने बैंक के सहायक प्रबंधक (Assistant Manager) लुकेश गोखे और उसके सहयोगी गौरव सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग (विधि विरुद्ध बालक) के खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सोना-चांदी, लग्जरी कार और मोबाइल फोन समेत कुल 22.33 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं।

जनवरी 2026 से चल रहा था खेल, ऐसे बदली जाती थीं मोबाइल और आईडी

बैतूल पुलिस की शुरुआती जांच में इस शातिर जालसाजी की पूरी टाइमलाइन सामने आई है। बैंक में यह फर्जीवाड़ा इसी साल जनवरी से लगातार चल रहा था। आरोप है कि सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे ने अपनी आधिकारिक आईडी का दुरुपयोग किया और खाताधारकों के नेट बैंकिंग से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों में हेरफेर कर उन्हें करीब 10 बार बदला।

जालसाजों का शातिरपन यहीं नहीं रुका; उन्होंने कुछ जीवित खाताधारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Fake Death Certificates) तक बनवा लिए और उनके आधार पर बैंक में रखी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को समय से पहले तुड़वाकर पूरी रकम साफ कर दी। खातों से उड़ाई गई इस काली कमाई को पहले रिश्तेदारों और फिर विभिन्न फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया, जिसके बाद इन पैसों से लग्जरी कार, सोना और चांदी जैसी कीमती संपत्तियां खरीदी गईं।

इन 6 खाताधारकों से हुई ठगी, बोरदेही थाने में दर्ज हुए मामले

पीड़ित खाताधारकों की शिकायतों के आधार पर बोरदेही थाना पुलिस ने कुल 6 अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:

  • भोजराज सोनी: 5,50,000 रुपये का अनधिकृत लेनदेन।

  • ज्योति रघुवंशी: 4,86,175 रुपये की अवैध निकासी।

  • फूलवंती: 2,74,000 रुपये का संदिग्ध ट्रांसफर।

  • इंद्रेश रघुवंशी: 1,85,786 रुपये का फर्जी लेनदेन।

  • रागिनी साहू: 1,55,371 रुपये की अनधिकृत निकासी।

  • विवेक सोनी: खाते से फर्जी फंड ट्रांसफर।

नागपुर का असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार, 22.33 लाख का सामान बरामद

बैतूल एसपी वीरेंद्र जैन के निर्देश, एएसपी कमलेश खरपुसे और मुलताई एसडीओपी शिवकुमार सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भैयालाल उईके तथा साइबर सेल की संयुक्त टीम ने यह ताबड़तोड़ कार्रवाई की। मुख्य आरोपी सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे मूल रूप से ग्राम मोवाड (थाना नरखेड़, जिला नागपुर, महाराष्ट्र) का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी गौरव सूर्यवंशी ग्राम मोरखा का ही निवासी है।

पुलिस द्वारा बरामद संपत्तियों का ब्योरा:

  • लग्जरी कार: लगभग 12 लाख रुपये मूल्य।

  • सोना: लगभग 8.28 लाख रुपये मूल्य का।

  • चांदी: लगभग 1.40 लाख रुपये मूल्य की।

  • 6 मोबाइल फोन: करीब 65 हजार रुपये मूल्य।

पुलिस की जनता से अपील: बैंक खातों पर रखें नजर, 1930 पर करें शिकायत

इस हाई-प्रोफाइल खुलासे के बाद एसपी वीरेंद्र जैन ने नागरिकों के लिए बैंकिंग सुरक्षा परामर्श जारी किया है। उन्होंने अपील की है कि सभी खाताधारक अपनी पासबुक, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल एसएमएस (SMS) पर नियमित रूप से नजर रखें। अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड, एटीएम पिन या कोई भी गोपनीय क्रेडेंशियल किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार के संदिग्ध या अनधिकृत लेनदेन की स्थिति में तुरंत बैंक, स्थानीय पुलिस थाने या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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