
उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में कांग्रेस की अब तक की सबसे बुरी हार हुई है। हार के बाद कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी मंगलवार को दिल्ली में पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। इसमें यूपी के सभी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल रहे। 2022 के चुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू चुनाव हार गए है। कांग्रेस को पूरे प्रदेश में केवल 2.33 % वोट मिले और दो विधायक जीते सके।
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के पीसीसी अध्यक्षों से कहा है कि वे पीसीसी के पुनर्गठन की सुविधा के लिए अपना इस्तीफा दें। उत्तराखंड के गणेश गोदियाल, पंजाब के नवजोत सिंह सिद्धू, यूपी के अजय कुमार लल्लू, गोवा के अलेक्सो सिकेरा, मणिपुर के लोकेंद्र सिंह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसके बाद देर रात 10 बजे के करीब यूपी के कांग्रेस प्रभारी अजय लल्लू ने इस्तीफा दे दिया।
2.33 प्रतिशत वोट मिले
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मात्र 2.33 % वोट ही मिले, 2 विधायक जीत कर विधानसभा पहुंचे तो वहीं 387 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। प्रियंका गांधी की अगुवाई में लड़की हूं लड़ सकती हूं अभियान भी बुरी तरह से फ्लॉप रहा।
चार प्रत्याशी नंबर दो पर पहुंच पाए हैं। 387 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनकी जमानत जब्त हो गई जबकि इस चुनाव में प्रियंका गांधी ने लड़की हूं, लड़ सकती हूं अभियान के तहत नया प्रयोग किया था और 40 फीसदी टिकट महिलाओं को दिए थे। प्रदेश में कुल 4,442 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें करीब 20 % प्रत्याशी ही जमानत बचा सके और 3,522 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
खासतौर से कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा। पार्टी ने 399 प्रत्याशी उतारे थे। इनमें 387 की जमानत जब्त हो गई। बसपा ने सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसके 290 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। सपा के 6 और भाजपा के भी 3 प्रत्याशी जमानत बचाने में नाकाम रहे।
हार के कारणों की मांगी रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के कारणों की समीक्षा रिपोर्ट कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने तलब की है। कांग्रेस मुख्यालय पर हुई समीक्षा बैठक में प्रत्याशियों ने अपनी हार के कारण गिनाए। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दो विधायक ही चुन कर पहुंचे हैं।
प्रत्याशियों व पदाधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, बाजीराव खाड़े व सत्यनारायण पटेल और प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बैठक कर हार के कारण पूछे।
कई प्रत्याशियों ने संगठन का साथ न देने और स्थानीय नेताओं द्वारा मदद न करने की शिकायत की। ज्यादातर ने चुनाव दो पार्टियों के बीच सीधा होने को कांग्रेस प्रत्याशियों की हार का कारण बताया। वहीं प्रत्याशियों से यह भी पूछा गया कि किन लोगों ने उनकी मदद की, कितनों ने अच्छा काम किया।













