Bijnor : पुलिस और गोकशों के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने से 2 शातिर बदमाश ढेर

Kotwali, Bijnor : गौवध में शामिल दो अभियुक्तों को मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में थाना कोतवाली देहात पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

जनपद बिजनौर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर निजाम उर्फ निजामपुर के जंगलों में गौवंशीय पशु के अवशेष मिलने के संबंध में थाना कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज कर घटना में शामिल अभियुक्तों की तलाश शुरू कर दी गई थी।

इसी क्रम में गुरुवार प्रातः थाना प्रभारी नगीना को एक संदिग्ध सिल्वर रंग की सेंट्रो कार संख्या UA07R6926 का पीछा किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। उक्त सूचना पर थाना प्रभारी कोतवाली देहात एवं अन्य प्रभारी बरुकी नहर पर चेकिंग कर रहे थे। उसी दौरान उपरोक्त कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन अभियुक्त भागने लगे। कुम्हैड़ा नहर की पटरी पर पुलिस द्वारा की गई घेराबंदी के दौरान अभियुक्तों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी, जिसमें हेड कांस्टेबल अमित घायल हो गए।

पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित जवाबी फायरिंग में अभियुक्त 1. अब्दुल सलाम उर्फ काले पुत्र सगीर उर्फ भूरे, निवासी ग्राम उमरी, थाना कोतवाली देहात एवं 2. मुरस्सलीन पुत्र मुन्ना, निवासी ग्राम काजीवाला, थाना कोतवाली शहर, जनपद बिजनौर के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त सेंट्रो कार संख्या UA07R6926, एक गौवंशीय बछड़ा, दो तमंचे (.315 बोर), दो खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस तथा पशु वध में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं।

पूछताछ में अभियुक्तों ने गौवंशीय पशुओं का वध कर उनका मांस बेचने की बात स्वीकार की। साथ ही उन्होंने 8 जुलाई की रात ग्राम फरीदपुर निजाम में गौवध की घटना को अंजाम देना भी स्वीकार किया।

अभियुक्तों को घायल अवस्था में उपचार के लिए पीएचसी कोतवाली देहात भेजा गया है।

पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे अपने साथी महफूज पुत्र अमीर हुसैन तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर अवैध रूप से गोवंश तस्करी और गौवध का कार्य करते हैं।

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