Bijnor : नजीबाबाद में मॉनसून की पहली बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल, मुगलूशाह में सड़कों पर बहा ‘समंदर’, घरों-रसोइयों में घुसा नालों का गंदा पानी


Najibabad, Bijnor : नजीबाबाद में मानसून की पहली ही मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका परिषद के जल निकासी संबंधी खोखले दावों की कलई खोलकर रख दी है।

हर साल की तरह इस बार भी प्रशासनिक तैयारियां सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आईं। पहली ही बारिश से पूरे शहर की रफ्तार थम गई, लेकिन सबसे बदतर और नारकीय हालात मुगलूशाह इलाके में देखने को मिले। यहां जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों का जीना पूरी तरह मुहाल हो चुका है।

मुगलूशाह के निवासी दशकों से हर साल इस गंभीर समस्या को झेलने के लिए मजबूर हैं। चुनाव के समय जनता इस उम्मीद में नया चेहरा चुनती है कि शायद अब उनके दिन बदलेंगे और जलभराव के इस नरक से मुक्ति मिलेगी। मगर अफसोस, हर बार सत्ता की कुर्सी बदलने के बाद भी जनता की तकदीर नहीं बदलती। इस बार भी वही पुरानी तस्वीर सामने आई है चुनावी वादे हवा-हवाई साबित हुए और जनता एक बार फिर बेबस खड़ी है।

सड़कों पर समंदर, घरों और रसोइयों में कैद हुए लोग

बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह तक हुई तेज बारिश के बाद नजीबाबाद के तमाम निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए। मुगलूशाह क्षेत्र में मुख्य नालों की समय पर संतोषजनक तलछट सफाई न होने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ा। नालों का गंदा और बदबूदार पानी उफान मारकर लोगों के घरों, रसोइयों और दुकानों के भीतर तक घुस गया।

लाखों का नुकसान: स्थानीय निवासियों का कीमती सामान, राशन और फर्नीचर पानी में डूबकर बर्बाद हो गया।

चक्का जाम: सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर जाने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों के पहिए थम गए, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर घंटों तक लंबा जाम लगा रहा।

बीमारी के साए में जीने को मजबूर मोहल्ला

नगर पालिका प्रशासन की इस घोर लापरवाही को लेकर मुगलूशाह की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर टैक्स भरने के बाद भी उन्हें हर साल इस नारकीय स्थिति से कब निजात मिलेगी?

पानी की निकासी न होने के कारण अब पूरे इलाके में संक्रामक बीमारियों (जैसे डेंगू, मलेरिया और डायरिया) के तेजी से फैलने का खतरा मंडराने लगा है।

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