कुंभ के जरिये हिंदुत्व को हवा देने की कोशिश में भाजपा

योगेश श्रीवास्तव 

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लखनऊ। भाजपा ने मिशन 2019 फतह के लिए हर स्तर पर किलांबंदी आरंभ कर दी है। इसी कड़ी में हिंदुत्व को हवा देने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आज संगम पहुंचे। यहां पर उन्होनें संतो से मुलाकात उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश करने के साथ ही राम मंदिर को लेकर चर्चा की। क्योंकि इसी कुंभ से निकलने वाली हवा देश की दिशा एवं तस्वीर तय करेगी।

यूपी में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद हिदुत्व को धार देने की कोशिश की। इसी के साथ उन्होंने इलाहाबाद में संगम तट पर लगने वाले अर्धकुंभ को कुंभ घोषित कर दिया। इतना ही नहीं इसके लिए उन्होंने भारी भरकम बजट भी आवंटित कर दिया। साथ ही कुंभ मेला प्राधिकरण का गठन कर एक आईएएस अधिकारी को इसका प्रभारी बना दिया। इन दिनों शासन द्वारा देश के सभी गांवों में लोगों को कुंभ में आने का न्यौता भी दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार कुंभ की ब्राडिंग कर इसे 2019 के आम चुनाव में कैश कराना चाहती है।

वही कुंभ के सहारे मिशन 2019 में फतह की रणनीति को अंजाम तक पहुंचाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आज संगम नगरी इलाहाबाद पहुंच गए। यहां के प्रसिद्घ लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन करने के साथ ही गंगा आरती में शामिल होकर हिदुत्व को एजेण्डे को धार देने की कोशिश की। यहां के बाघम्बरी मठ एवंं अखाड़ा परिषद भी गए। इस दौरान उन्होंने यहां के संतो से अलग अलग गुट में मुलाकात भी किया। इस दौरान अमित शाह ने संतो की नाराजगी दूर करने की कोशिश की। क्योंकि यहां के संत गंगा को अविरल करने एवं राम मंदिर निर्माण की मांग उठा चुके हैं। फर्जी संतो के लेकर गत दिनों हुई कार्यवाही से भी यहां के संत खासे नाराज है।

 

इसके अलावा यहां के संत गो हत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने एवं संस्कृत को बढ़ावा देने की भी मांग कर चुके है। इलाहाबाद का नाम भी प्रयाग रखने कवायद आरंभ हो गयी है। इन्हीं मुद्दों पर अमित शाह से संतो से चर्चा कर उनका गुस्सा शांत करने की कोशिश की।

इस तरह भाजपा कुंभ के जरिये हिदुत्व को हवा देने की कोशिश में लग गयी है। इसीलिए भाजपा अध्यक्ष कुंभ के जरिए देश में हिंदुत्व की हवा को और तेज कर का प्रयास कर रहे है। क्योंकि यूपी के इलाहाबाद में आयोजित होने वाला यह कुंभ 2019 के चुनाव में अहम भूमिका अदा करेगा।

इसी के मद्देनजर अमित शाह का यह संगम दौरा काफी अहम है। क्योंकि विपक्षी दल जातीय तिलिस्म में उलझ कर रह गया है। वह जातीय आंकड़ों के सहारे भाजपा को शिकस्त देने की कोशिश करता दिख रहा है। दलित, पिछड़े एवं मुस्लिमों को एक मंच पर लाने की कवायद की जा रही है। ऐसे में भाजपा जातीय तिलिस्म को तोडऩे के लिए हिदुत्व को हवा देने का काम कर रही है। पूर्व के चुनावों में भी भाजपा ने चुनाव को हिंदू बनाम मुस्लिम करने की कोशिश की थी जिसमें वह कामयाब रही। उसी रणनीति को दोबारा प्रयोग करने के लिए भाजपा अध्यक्ष आज संगम पहुंचे। उनका यह एक दिवसीय दौरा कितना कारगर होगा यह तो समय ही बतायेगा।

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