कैंट विधायक ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री से मांगे सौ करोड़

विधायक अमित अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ की विशेष बैठक

भास्कर समाचार सेवा
मेरठ। लगभग डेढ़ वर्ष से लोकतंत्र प्रणाली से विहीन चल रहे कैंट बोर्ड निवासियों की समस्याओं के निवारण के लिए कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने मनोनीत सदस्य डॉक्टर सतीश चंद्र शर्मा व निवर्तमान उपाध्यक्ष बीना वाधवा और मंडल अध्यक्ष विशाल कनोजिया के साथ जीरो माईल स्थित क्षत्रपति शिवाजी स्मारक संस्थान में कैंट क्षेत्र के आठों वार्डों के सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ विशेष बैठक की, जिसमें कार्यकर्ताओं द्वारा बताई गईं कैंट की समस्याओं को सुना गया। अब से पहले क्या-क्या प्रयास किए जा चुके हैं, उन्हें उनसे अवगत करवाया गया। बैठक में निवर्तमान पार्षद धर्मेंद्र सोनकर, नीरज राठौर भी शामिल हुए।

बैठक में लगभग हर कार्यकर्ता का पहला मुद्दा कैंट क्षेत्र की सड़कों की बदहाली को लेकर रहा। सबने बोला, मुख्य सड़कों के अलावा वार्ड की अंदरूनी सड़कों की हालत बहुत खस्ता है, जिस कारण आए दिन दुर्घटना होने की समस्या रहती है। कार्यकर्ताओं ने नाला सफाई न होने और नालों का पानी ओवरफ्लो होने की बात कही। खासकर लालकुर्ती, जामुन मोहल्ले और कुछ अन्य जगह ये समस्या ज्यादा गम्भीर है, जिस पर निवर्तमान उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने कहा, बहुत समय से आबू नाले की सफाई न होने से उसमें सिल्ट जमा हो गयी है। उसमें गिरने वाले कैंट के छोटे नालों से आबूनाला ऊंचा हो गया है, जिस कारण जल निकासी की जगह उल्टे पानी छोटे नालों में वापस जा रहा है। मनोनीत सदस्य डॉक्टर सतीश चंद्र शर्मा ने बताया, उनके द्वारा हर बार बोर्ड बैठकों में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। विधायक व सांसद निधि से भी कार्य करवाने को लेकर वो प्रयासरत रहते हैं। बैठक में स्ट्रीट लाइट, आपूर्ति बाधित होने और लो वोल्टेज आदि की समस्या को बताया। भवन निर्माण व म्यूटेशन से संबंधित समस्याएं भी उठाई गयी।

कैंट में शीघ्र शुरू होंगे विकास कार्य: विधायक
कैंट विधायक अमित अग्रवाल पहले तो सभी की समस्याएं व प्रस्ताव गौर से सुनते रहें। शिकायती पत्र व प्रस्ताव भी पढ़ते रहें। फिर उन्होंने बताया, वो स्वयं ही पहल करते हुए ज्यादातर विषय कैंट बोर्ड अधिकारियों के समक्ष उठा चुके है और शीघ ही अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा, उनकी कार्यशैली अलग तरह की है, अभी थोड़ा समय बोर्ड की कार्यशैली का विश्लेषण कर रहे हैं लेकिन, अगर जनता ऐसे ही परेशान रही तो जनहित में वो कोई भी कदम उठा सकते हैं। बताया, उनके द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी से समस्याओं के निराकरण हेतु 100 करोड़ के पैकेज की मांग की गई है, क्योंकि कैंट की जनता भी हर भारतीय की तरह सारे टेक्स देती है तो फिर वो जनता सरकारों द्वारा दी रही योजनाओं का लाभ क्यों नहीं ले पाती? विधायक ने बताया, उन्होंने सांसदों व विधान परिषद सदस्यों से भी छावनी क्षेत्र में उनकी निधि से जनहित हेतु विकास कार्य करवाने की अपील की है, जिसमे बहुत से विकास कार्य शीघ्र ही प्रारंभ हो जाएंगे।

रेपिड के 75 करोड़ भी बदलेंगे कैंट की दशा
रेपिड परियोजना में ली गयी जमीन के मुआवजे में 75 करोड़ रुपये की राशि कैंट बोर्ड को प्राप्त होनी है, जिसके लिए कैंट बोर्ड को योजना बनाने और प्रस्ताव देने को कहा गया है। बताया, उनके द्वारा कैंट के मुख्य मार्ग माल रोड को चौड़ा करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे ये ठंडी सड़क और सुंदर हो सके। इस पर आवागमन भी सुलभ हो सके। कहा, प्रशासन को भी ऐसी ट्रैफिक योजना बनाने के निर्देश दिए गए, जिससे कैंट की सड़कों पर कम भार पड़े। विधायक ने कहा, ऐसी व्यवस्था बनवाई जाएगी, जिसमें हर माह में एक दिन विशेष रूप से छावनी अधिकारी जनसुनवाई करें और जनसमस्याओं का मौके पर भी तत्काल निस्तारण किया जा सके।

समस्या निवारण समिति का गठन होगा
बैठक में ये तय किया गया, सभी वार्डों के अध्यक्ष और प्रभारी मंडल अध्यक्ष और महामंत्रियों के समक्ष प्रत्येक माह बैठक करके समस्याएं रखेंगे। मनोनीत सदस्य उनको सुनकर निवारण करेंगे। बैठक में मंडल अध्यक्ष विशाल कनोजिया, महामंत्री नितिन बाला, गौरव हरिया, महानगर मंत्री अंकित सिंघल, अजय गुप्ता, अइमन गुप्ता, राजेश सिंघल, अंनत जैन, मोहित आंनद, मन्नू लाल, सुरेश शर्मा, वैभव सक्सेना, अंजली गुप्ता, सीमा अग्रवाल आदि शामिल हुए।

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